🔳 मनमानी पर जिला मुख्यालय कूच का किया ऐलान
🔳 सांतवे आसमान पर पहुंचा खलाड़ गांव के ग्रामीणों को पारा
🔳 शिक्षा विभाग पर लगाया नौनिहालों के हितों से खिलवाड़ का आरोप
🔳 गांव के विद्यालय को ही उच्चीकृत कर जीआइसी का दर्जा देने की उठाई मांग
[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]

बेतालघाट ब्लॉक के सूदूर खलाड़ गांव में स्थित विद्यालय को सिमलखा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में मर्ज करने की सुगबुगाहट से ग्रामीणों में उबाल आ गया है। ग्रामीणों ने फैसले को नौनिहालों के हितों से खिलवाड़ करार दे रोष जताया। दो टूक चेतावनी दी की यदि मनमाना रवैया अपनाया गया तो फिर जिला मुख्यालय नैनीताल में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खलाड़ को सिमलखा गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में मर्ज करने के फरमान पर गांव के लोगों का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। ग्रामीणों ने ऐसे फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। आरोप लगाया की शिक्षा विभाग गांव के नौनिहालों के हितों से खिलवाड़ पर आमादा है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। खलाड गांव से सिमलखा स्थित जीआइसी की दूरी सात किमी से भी अधिक है ऐसे में नौनिहालों को रोजाना चौदह किमी से भी अधिक की आवाजाही करनी पड़ेगी। रास्ते में घना व सुनसान जंगल व जंगली जानवरों का भी खतरा है पर एकतरफा फैसला लेकर बच्चों की जान भी खतरे में डाली जा रही है। ग्रामीणों ने एक स्वर में शिक्षा विभाग के फैसले पर गहरी नाराजगी जताई। पूर्व ग्राम प्रधान नीरु बधानी के अनुसार विद्यालय को दूसरे विद्यालय में मर्ज करने की जगह शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करनी चाहिए। साफ कहा की ऐसे फैसले का पुरजोर विरोध किया जाएगा। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव शेखर दानी के अनुसार ऐसे अव्यवहारिक फैसले को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। खलाड़ गांव के विद्यालय को ही उच्चीकृत कर राजकीय इंटर कॉलेज का दर्जा देकर शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना चाहिए। साफ कहा की यदि विद्यालय को दूसरे विद्यालय में मर्ज किया गया तो भी धरना दिया जाएगा। स्थानीय कैलाश चंद्र बधानी ने भी गहरी आपत्ति जताई। विद्यालय के हटने पर ग्रामीणों को साथ लेकर जिला मुख्यालय कूच करने की चेतावनी दी है। गांव के बुजुर्ग, महिलाओं व युवाओं ने भी मामले में रोष जताया है।

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