🔳 तराई से पहुंच रहे टमाटर की कीमत छूने लगी आसमान
🔳 गांवों से पहुंच रहा टमाटर तीस रुपये प्रतिकिलो में उपलब्ध
🔳 ग्राहकों की पहली पसंद बनी कोसी घाटी की पैदावार
🔳 हाईवे पर आवाजाही करने वाले यात्री भी पांच पांच किलो की कर रहे खरीद
[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]

तराई से पहाड़ पहुंच रहे टमाटर की कीमत भले ही आसमान छू रही है पर कोसी घाटी का टमाटर ग्राहकों के लिए बेहद मुफिद साबित हो रहा है। तराई का टमाटर जहां 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच चुका है वहीं पहाड़ का टमाटर महज तीस रुपये प्रति किलोग्राम की दर में उपलब्ध होकर लोगों को राहत पहुंचा रहा है। जंगली जानवरों व बंदरों के आंतक से हालांकि गांवों से टमाटर सीमित मात्रा में बाजार पहुंच रहा है।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित गरमपानी, खैरना, सुयालबाड़ी, लोहाली, चमड़ियां, जौरासी, रामगाढ़ आदि बाजार क्षेत्रों में कोसी घाटी के टमाटर का डंका बज रहा है। आसपास के सिल्टोना, तिपोला, सीम, सूरी फार्म, बुधलाकोट, बजेडी, सिमराड़, गडखेत आदि गांवों से बाजार पहुंच रहा स्वादिष्ट टमाटर ग्राहकों की पहली पसंद बन गया है। तराई से पहुंच रहे टमाटर की कीमत 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने से ग्राहक कोसी घाटी के टमाटर को प्राथमिकता दें रहे हैं। हाईवे पर आवाजाही करने वाले यात्री तक कोसी घाटी की खरीद कर हल्द्वानी, अल्मोड़ा, रानीखेत आदि क्षेत्रों को ले जा रहे हैं। स्थानीय दुकानदार दीप चंद्र तिवाड़ी, दुर्गा सिंह बिष्ट के अनुसार कोसी घाटी के टमाटर की बेहतर बिक्री हो रही है हालांकि जंगली जानवरों व बंदरों के उपज को नुकसान पहुंचाने से गांवो से सीमित मात्रा में ही टमाटर की आपूर्ति हो रही है। अपने बेहतर स्वाद व कम कीमत से वर्तमान में कोसी घाटी के टमाटर की खूब बिक्री हो रही है।

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