🔳 पर्यटक, यात्री व ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर रहे
🔳 समय रहते सुध न लेने पर आवाजाही ठप होने का अंदेशा
🔳 समीपवर्ती गांव को जोड़ने वाली सड़क भी खस्ताहाल
🔳 ग्रामीणों ने भविष्य का खतरा टालने को ठोस उपाय की उठाई मांग
[[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
कुमाऊं की लाइफ लाइन पर जाम व भूस्खलन की स्थिति में विकल्प के रुप में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण मोना क्वारब मोटर मार्ग पर भी खतरा मंडरा रहा है। भू-धंसाव से दुर्घटना का जोखिम भी बना हुआ है बावजूद जिम्मेदार अनदेखी पर आमादा है। समीपवर्ती मोना – क्वारब – सरगाखेत मोटर मार्ग भी बदहाली का दंश झेल रहा है।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे के विकल्प के रुप में पहचान रखने वाले मोना क्वारब मोटर मार्ग के अस्तित्व पर भी संकट गहराने लगा है। पर्यटकों व यात्रियों तथा रामगढ़ ब्लॉक के तमाम गांवों को जोड़ने वाले मार्ग पर भू-धंसाव से जोखिम बढ़ गया है। जान जोखिम में डाल आवाजाही मजबूरी बन चुकी है। मोटर मार्ग के एक हिस्से पर धंसाव से बारिश होने पर धंसाव का दायरा बढ़ने की आंशका भी बनी हुई है ऐसे में मोटर मार्ग पर आवाजाही कभी भी ठप हो सकती है। मोना – क्वारब – सरगाखेत सड़क पर भी आवाजाही खतरनाक हो चुकी है। गांव के लोग कई बार सड़क को दुरुस्त करने की मांग उठा चुके हैं बावजूद सुध नहीं ली जा रही। बरसाती मौसम के बाद भी नाली व कलमठ बंद है। जगह जगह गड्ढे दुर्घटना का सबब बने हुए हैं। निवर्तमान ग्राम प्रधान नीमा देवी, हरेंद्र सिंह, पूरन सिंह, देवेंद्र सिंह, जीवन सिंह, दीपू मेहरा, कुलदीप, करन आर्या, कैलाश बिष्ट, गोविंद सिंह, अनिल मेहरा, पप्पू लटवाल, धरम सिंह बिष्ट आदि ने मोना – क्वारब तथा मोना – क्वारब सरगाखेत मोटर मार्ग पर लगातार बढ़ रहे खतरे को टालने के लिए ठोस उपाय किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। अंदेशा जताया है की यदि समय रहते सुध नहीं ली गई तो कभी भी बड़ी अनहोनी सामने आ सकती है।
