🔳 पंपिंग सिंचाई योजना में लीकेज बनी बड़ी समस्या
🔳 समुचित पानी उपलब्ध न होने से सिमलखा गांव के काश्तकार परेशान
🔳 कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद नहीं ली जा रही सुध
🔳 जल्द व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन की चेतावनी
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में सिंचाई नहरों के ध्वस्त पड़े होने से किसान बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं वहीं अफसरों की अनदेखी भी किसानों पर भारी पड़ रही है। सिमलखा गांव के खेतों तक पानी पहुंचाने को पंपिंग योजना से लीकेज जिम्मेदारों को दिखाई ही नहीं दे रही। पानी की समुचित आपूर्ति न होने से किसानों में गहरा रोष व्याप्त है। जल्द व्यवस्था में सुधार किए जाने की मांग उठाई है।
इंद्रदेव के रुठने व सिंचाई नहरों के ध्वस्त पड़े होने से पहले ही गांवों में गेहूं का बुआई नहीं हो सकी है। सिंचाई के पानी के अभाव में खेत बंजर हो चुके हैं। सिमलखा समेत तमाम गांवों में किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने वाली पंपिंग योजना की बदहाली किसानों पर भारी पड़ रही है। योजना की पाइप लाइन में लीकेज से पानी की बर्बादी तो हो ही रही है खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा। पानी उपलब्ध न हो पाने से सिमलखा, भराड़ी समेत तमाम गांवों में बुआई शुरु नहीं हो सकी है। ग्रामीण कई बार पानी की बर्बादी रोकने की मांग उठा चुके हैं बावजूद सुध नहीं ली जा रही। पिछले कई महीनों से लगातार पानी बहता जा रहा है पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। स्थानीय भीम सिंह, मनोज, किसन सिंह, गंगा सिंह, ईश्वर सिंह, महेंद्र, बालम सिंह, पूरन राम, कैलाश सिंह आदि ने विभागीय अनदेखी पर नाराजगी जताई है। आरोप लगाया की लगातार किसानों की उपेक्षा की जा रही है। जल्द व्यवस्था में सुधार न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
