◾मवेशियों को लिए चारे का संकट भी गहराया
◾मवेशियों को निवाला बनाने के बाद अब गुलदार ने किया आबादी की ओर रुख
◾ग्रामीणों ने उठाई पिंजरा लगा गुलदार के आंतक से निजात दिलाने की मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

गांवों में गुलदार की घुसपैठ से ग्रामीण दहशत में हैं। मवेशियों के लिए चारा लेने को महिलाओं का जंगल जाना भी दूभर हो गया है। गुलदार पशुपालको के एक बाद एक मवेशी को मार डालने के बाद अब आबादी के समीप तक रुख करने लगा है। स्थानीय लोगों ने पिंजरा लगा गुलदार के आंतक से निजात दिलाए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
भुजान – रिची बिल्लेख मोटर मार्ग पर स्थित गांव में गुलदार की आवाजाही तेज हो गई है। आए दिन पशुपालकों के मवेशियों को मार गिराने के बाद अब गुलदार आबादी की ओर रुख कर रहा है जिससे खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। कई गोवंशीय पशुओं को मार गिराने के बाद बीते दिनों गुलदार ने पशुपालक नारायण सिंह की बकरी को निवाला बना डाला। ग्रामीणों के अनुसार अब दिन दोपहर ही गुलदार आबादी के नजदीक देखा जा रहा है जिससे खतरा बढ़ गया है। मवेशियों के लिए चारे के लिए महिलाए जंगल तक नहीं जा पा रही। स्कूली बच्चों पर भी खतरा बढ़ता ही जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार तिपोला व टूनाकोट क्षेत्र में गुलदार की घुसपैठ तेज हो गई है। आबादी की ओर रुख करने से खतरा बढ़ता ही जा रहा है। स्थानीय नारायण सिंह, धन सिंह, सुनील मेहरा, गोपाल सिंह, आनंद सिंह, झूंगर सिंह, बचे सिंह, गोविंदा सिंह ने वन विभाग से गांव के समीप पिंजरा लगा गुलदार के बढ़ते आंतक से निजात दिलाएं जाने की पुरजोर मांग उठाई है।

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