◾बदहाल हालत में पहुंची पुलों पर हादसों का खतरा हुआ दोगुना
◾ लोहे के रैलिंग खाई की ओर लटकी, सुरक्षा कार्य भी ध्वस्त
◾व्यापारियों ने ‌उठाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग
◾सहायक अभियंता बोले – वन विभाग से अनापत्ति मिलते ही शुरु होगा नए पुलों का निर्माण
◾अधिक्षण अभियंता ने किया क्वारब समेत सभी पुलों के सुरक्षित होने का दावा

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

कुमाऊं के महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी वर्षों पुरानी कई पुल बदहाली का दंश झेल रही है। गड्डे बदहाली की हकीकत बंया कर रहे हैं कई जगह पुल पर लगी रैलिग खाई की ओर लटकी हैं तो वहीं पुल के समीप सुरक्षित यातायात को लगाए गए पैराफिट तक जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। व्यापारी नेताओं ने पुलों की हालत में सुधार किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। एनएच के सहायक अभियंता जीके पांडे के अनुसार हाइवे पर चार नए पुलों का निर्माण किया जाना है। दावा किया की वन विभाग से अनापत्ति मिलने के बाद कार्य शुरु करा दिया जाएगा।

कुमाऊं के तमाम पर्वतीय जनपदों को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे लंबे समय से बदहाली का दंश झेल रहा है। जगह जगह दुर्घटना का खतरा बना हुआ है बावजूद कोई सुध नहीं ली जा रही। हाइवे पर स्थित रामगाढ़, दोपांखी, निगलाट, नैनीपुल आदि क्षेत्रों में बनी वर्षों पुरानी पुलों पर भी हालात विकट है। पुलों के बीचों बीच गड्डे हादसों का सबब बन चुके हैं दोपांखी क्षेत्र में पुल की रेलिंग खाई की ओर लटक चुकी है जबकि रामगाढ़ पुल पर सुरक्षित यातायात को लगे पैराफिट क्षतिग्रस्त हो चुके हैं जिससे कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी है। निगलाट पुल पर गड्डे परेशानी का सबब बन चुके हैं। हादसों का खतरा लगातार दोगुना होता जा रहा है। बावजूद सुध नहीं ली जा रही। व्यापारी नेता मनीष तिवारी, गजेंद्र नेगी, गोविंद सिंह नेगी, विरेंद्र सिंह बिष्ट, फिरोज अहमद, राकेश जलाल, कैलाश पिनारी, मनोज नैनवाल आदि ने महत्वपूर्ण पुलों पर दुर्घटनाओं को टालने के लिए व्यवस्था दुरुस्त किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। एनएच के सहायक अभियंता जीके पांडे ने दावा किया की ने पुलों के निर्माण को बजट भी उपलब्ध हो चुका है। वन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलते ही नए पुलों का निर्माण शुरु करा दिया जाएगा।

एसई ने किया क्वारब समेत सभी पुलों के सुरक्षित होने का दावा

एनएच विभाग के अधिक्षण अभियंता अरुण कुमार पांडे ने हाइवे पर क्वारब समेत अन्य पुलों पर मंडरा रहे किसी भी प्रकार के ख़तरे को सिरे से खारिज कर दिया है। अधिक्षण अभियंता के अनुसार क्वारब पुल पर भी किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। कहा की पहाड़ी से गिरा मलबा पुल तक जरुर पहुंच गया था पर पुल को नुकसान नहीं हुआ है। वहीं हाईवे पर बने सभी अन्य पुलों के सुरक्षित होने का दावा किया। अधिक्षण अभियंता के अनुसार प्रतिवर्ष दो बार तय मानकों के अनुसार पुलों के निरीक्षण का प्रावधान है। अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता स्तर से बरसात शुरु होने से पहले व बाद में पुलों का निरीक्षण किया जाता है। स्पष्ट किया कि हाइवे पर कोई भी पुल खतरे की जद में नहीं है। सभी पुल सुरक्षित है।

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