◾शेर विद्यापीठ पंपिंग पेयजल योजना में आई तकनीकी खराबी
◾ दो दर्जन से भी अधिक गांवों में चरमराई व्यवस्था
◾ कोसी नदी का पानी पीने को मजबूर हुए गांवों के बाशिंदे
◾ अवर अभियंता ने किया जल्द आपूर्ति सुचारु करने का दावा
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटे दो दर्जन से भी अधिक गांवों में बूंद बूंद पानी को हाहाकार मच गया है। कोसी नदी पर बनी शेर विद्यापीठ पंपिंग पेयजल योजना में तकनीकी खराबी आने से पिछले तीन दिनों से गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप है। मजबूरी में गांवों के लोग कोसी नदी का पानी पीने को मजबूर हो चुके हैं। जल संसाधन के अवर अभियंता संदीप आर्या ने दावा किया है की जल्द तकनीकी खराबी दूर कर पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
हाइवे से सटे जनता, वलनी, बहरु, खडोली, मंगडौली, ज्याडी़, पोखरी, बोहरा गांव, ईडा़, स्यू, शेर, रिकौसा, डीना, जाख समेत लगभग दो दर्जन से अधिक गांवों को अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर नावली क्षेत्र में कोसी नदी पर बनी शेर विद्यापीठ पंपिंग पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति की जाती है। बीते बुधवार को योजना में तकनीकी खराबी आने से गांवों की पेयजल आपूर्ति ठप हो गई है। आपूर्ति ठप होने से गांवों में बूंद बूंद पानी का संकट खड़ा हो गया है। मजबूरी में गांव के बाशिंदे को दूर दराज स्थित प्राकृतिक जल स्रोतो के साथ ही कोसी नदी का पानी पीना मजबूरी बन चुका है। बुजुर्ग, महिलाए व बच्चे दूरदराज से सिर पर पानी के बर्तन रख घरों तक पहुंचाना पड़ रहा है। स्थानीय भगवत जंतवाल, दलिप सिंह, पूरन सिंह कनवाल, दीवान सिंह, गोपाल सिंह, महेंद्र रावत, हेम, मनीष आदि ने जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। चेतावनी दी है की यदि उपेक्षा की गई तो फिर आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा। जल संसाधन के अवर अभियंता संदीप आर्या के अनुसार योजना चार स्टेज में बनी है दूसरे स्टेज के पंप में तकनीकी खराबी आ गई है। पंप गर्म होने से पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। दावा किया की जल्द तकनीकी खराबी दूर कर आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी।
