◾बेतालघाट – ओखलढुंगा – रामनगर मोटर मार्ग पर खतरे में जिंदगी
◾ जान जोखिम में डाल आवाजाही को मजबूर हुए ग्रामीण
◾सीएम के सड़को को गड्डे मुक्त करने के दावे साबित हुए खोखले
◾मरम्मत कि कई बार उठ चुकी मांग पर कोई सुधलेवा नहीं
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

प्रदेश के मुखिया सड़कों को गड्डे मुक्त करने के लाख दावे करे पर धरातल की स्थिति दावों की हकीकत बयां कर रही है। ग्रामीण सड़कों पर अनगिनत गड्डे दुर्घटना का सबब बने हुए हैं। बारिश में जलभराव से स्थित और बिगड़ जा रही है। बावजूद कोई सुध लेवा नहीं है। अधिकारियों की अनदेखी का खामियाजा गांवो के बाशिंदों को भुगतना पड़ रहा है।जान जोखिम में डाल बदहाल सड़कों पर आवाजाही मजबूरी बन चुकी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सड़कों को गड्डे मुक्त करने के दावे ग्रामीण सड़कों पर हवा हवाई साबित हो रहे हैं। गांवों को जोड़ने वाली सड़कें बदहाली पर आंसू बहाने रही है। बारिश में जलभराव से खतरा और बढ़ जा रहा है बावजूद कोई सुध नहीं ली जा रही। बेतालघाट ब्लॉक मुख्यालय से तमाम गांवों को जोड़ने वाले बेतालघाट – ओखलढुंगा – रामनगर मोटर मार्ग की स्थिति भी कुछ ऐसी ही हकीकत बयां कर रही है। गांवो के बाशिंदे, कास्तकार तथा व्यापारी इस महत्वपूर्ण मोटर मार्ग का इस्तेमाल आवाजाही के लिए करते हैं पर मोटर मार्ग पर अनगिनत गड्डे मुश्किलें बढ़ा दें रहे हैं। कदम कदम पर बड़े बड़े गड्डे दुर्घटना को दावत दे रहे हैं बावजूद जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रेम गिरी गोस्वामी, बालम बोहरा, शेखर दानी, शेखर फुलेरा आदि के अनुसार कई बार सड़क को गड्डे मुक्त करने की मांग उठाई जा चुकी है पर सुनवाई नहीं हो रही। जोखिम लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सड़क को तत्काल दुरुस्त किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। उपेक्षा पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

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