◾वन विभाग की ढीली पकड़ का खूब फायदा उठा रहे लीसा तस्कर
◾जंगलों से लीसा निकाल वाहनों से रातों रात लगाया जा रहा ठिकाने
◾क्वारब पुलिस के 120 टीन बरामदगी से वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
◾ बड़ी मिलीभगत से जंगलों को किया जा रहा खोखला

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

पर्वतीय क्षेत्रों में अवैध लीसे का काला कारोबार जोर पकड़ गया है। वन विभाग के अफसरों के दावों की धज्जियां उडा़ लीसा तस्कर जंगलों से लीसा निकासी कर वाहनों के जरिए ठिकाने लगा रहे। सरकार को राजस्व की चपत तो लग ही रही है। जंगलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है बावजूद वन विभाग के अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही। शुक्रवार को 120 टीन अवैध लीसा पकड़े जाने के बाद तमाम गंभीर सवाल हो रहे हैं।

अवैध लीसे के काले कारोबार में लिप्त तस्कर मुनाफे के फेर में जंगलों को खोखला करने में जुटे हुए हैं और उधर वन विभाग के अफसर बड़े बड़े दावे करते नहीं थक रहे। जंगलों की निगरानी करने वाले वन विभाग की नाक के नीचे से ही तस्कर धड़ल्ले से अवैध लीसा निकाल वाहनों के जरिए ठिकाने लगाने का खेल कर रहे हैं। बावजूद वन विभाग को कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा। बीते शुक्रवार को क्वारब पुलिस ने पिकअप वाहन में लदा लगभग 120 टीन अवैध लीसा बरामद किया है। सवाल उठ रहा है कि आखिर कैसे 120 टीन लीसा एकत्र करने के बाद जंगल से वाहन तक पहुंचाया गया। क्या बड़ी मिलीभगत से तस्करी के कार्य को अंजाम दिया गया। सवाल यह भी उठता है कि अवैध लीसे का खरीददार कौन है जो धड़ल्ले से अवैध लीसे की खरीददारी कर रहा है। जिम्मेदारो की नाक के नीचे से हो रही लीसा तस्करी से विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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