◾अधिकारियों की गैरमौजूदगी में मनमानी किए जाने का आरोप
◾मुख्य अभियंता के निरीक्षण के बावजूद किया जा रहा जनहित से खिलवाड़
◾व्यापारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी क्षेत्र में किए जा रहे बाढ़ सुरक्षा कार्य पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय व्यापारी ने अधिकारियों के सामने सही ढंग से कार्य करने तथा पीठ पीछे मनमानी करने का आरोप लगाया है। दो टूक कहा है कि यदि जनहित से खिलवाड़ किया गया तो फिर क्षेत्रवासियों को साथ लेकर आंदोलन शुरु किया जाएगा।
उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी क्षेत्र में गरमपानी व खैरना बाजार को बाढ़ के कहर से बचाने के लिए बाढ़ सुरक्षा कार्य गतिमान है। पूर्व में शिप्रा का उफान क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा चुका है। बाढ़ के उफान से बचाव को नदी में सुरक्षा दीवार के साथ ही चेक डैम निर्माण किए जा रहे हैं। पहले पानी में ही बुनियाद डालने का मामला शांत भी नहीं हो सका था कि अब स्थानीय व्यापारी कैलाश पिनारी ने गुणवत्ता विहीन कार्यों का आरोप लगाया है। कैलाश पिनारी के अनुसार अधिकारियों के सामने ठेकेदार के श्रमिक सही ढंग से कार्य कर रहे हैं पर अधिकारियों के हटते ही मनमानी पर आमादा हो जा रहे हैं जिससे भविष्य में निर्माण कार्यों के धराशाई होने की भी आशंका है। बीते गुरुवार को निरीक्षण को पहुंचे सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता ने भी सही ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए थे बावजूद मनमानी जारी है। व्यापारी नेताओं ने भी इसे जनहित से खिलवाड़ करार दिया है‌ दो टूक चेताया है कि यदि मनमानी न रुकी तो फिर क्षेत्रवासियों को साथ लेकर आंदोलन को बाध्य होना पड़ेगा।

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