◾बेहतर उपचार के लिए दूरदराज रुख करना बनी मजबूरी
◾ लंबे समय से परेशान हैं तमाम गांवों के बाशिंदे
◾ विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती किए जाने की मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लाख दावे किए जाए पर धरातल में दावे खोखले साबित हो रहे हैं। सीएचसी गरमपानी व बेतालघाट में विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में मरीजों को बेहतर उपचार नहीं मिल रहा ऐसे में दूरदराज नगरीय क्षेत्रों को रुख करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने दोनों अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गरमपानी तथा बेतालघाट में आसपास के सैकड़ों गांवों के हजारों बाशिंदे निर्भर है। छोटी बड़ी बिमारी के इलाज को गांवों से लोग उपचार को अस्पताल पहुंचते हैं पर विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद रिक्त होने से मरीजों को मायूसी हाथ लगती है। ऐसे में अल्मोड़ा, हल्द्वानी, काशीपुर, रामनगर को रुख करना मजबूरी बन जाता है। गर्भवती महिलाओं को सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ही अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ जैसा महत्वपूर्ण पद रिक्त हैं जबकि हड्डी रोग, दंत रोग, ईएनटी स्पेशलिस्ट का पद भी वर्षों से खाली है। बेतालघाट सीएचसी में अल्ट्रासाउंड तक की व्यवस्था नही है। बाल रोग विशेषज्ञ का पद भी रिक्त हैं।स्थानीय दीवान सिंह, संजय सिंह बिष्ट, दयाल सिंह दरमाल, बिशन सिंह जंतवाल, राकेश जलाल, गजेंद्र नेगी आदि ने आरोप लगाया है की लंबे समय से दोनों ही अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती तथा सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई जा चुकी है बावजूद कोई सुध नहीं ली जा रही जबकि दोनों महत्वपूर्ण अस्पतालों में सैकड़ों गांवों के बाशिंदे निर्भर है। क्षेत्रवासियों ने जनहित को ध्यान में रख बेतालघाट व गरमपानी सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के साथ ही सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
