◾शिक्षकों की कमी से पंचायत प्रतिनिधि व अभिभावक खफा
◾बेटियों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने का लगाया आरोप
◾राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल महज एक शिक्षक के भरोसे
◾15 दिन के भीतर समुचित शिक्षकों की तैनाती न होने पर आंदोलन का ऐलान
◾ मुख्यमंत्री से लगाई शिक्षकों की तैनाती की गुहार
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे पर राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल में शिक्षकों की तैनाती न होने से पंचायत प्रतिनिधियों, अभिभावकों का पारा चढ़ गया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज बेटियों के हित में विद्यालय में समुचित शिक्षकों की तैनाती की पुरजोर मांग उठाई है। दो टूक चेतावनी दी है की यदि पंद्रह दिन के भीतर शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई तो फिर अगले दिन धरना शुरु कर दिया जाएगा।
बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ का शोर तो खूब मचाया जा रहा है पर गांवों में स्थित विद्यालयों में बेटियों को पढ़ाने को शिक्षक ही नहीं है। हालात यह है की महज एक शिक्षक के भरोसे विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। एक ही शिक्षक कई कक्षाओं का संचालन करने को मजबूर हैं। ताड़ीखेत ब्लॉक के जनौली गांव में स्थित राजकीय कन्या जूनियर हाईस्कूल भी कुछ ऐसी ही हकीकत बंया कर रहा है। गांव के पंचायत प्रतिनिधियों व अभिभावकों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट जयकिशन के माध्यम से सीएम पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेज बताया है की विद्यालय में प्रधानाचार्य समेत चार शिक्षकों के सृजित है। पिछले कुछ महीनों में एक एक कर शिक्षकों के स्थानान्तरण कर दिए गए अब महज एक शिक्षक के भरोसे पूरा विद्यालय संचालित किया जा रहा है। विद्यालय में 73 बेटियां शिक्षा ले रही है बावजूद अनदेखी की जा रही है। आरोप लगाया की बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दो टूक चेताया है कि यदि पंद्रह दिन के भीतर विद्यालय में समुचित शिक्षकों की तैनाती नहीं की गई तो फिर अगले ही दिन विद्यालय परिसर में धरना शुरु कर दिया जाएगा। ज्ञापन में शिक्षक अभिभावक संघ अध्यक्ष लक्ष्मी देवी, ग्राम प्रधान कविता मेहरा, जयपाल फर्त्याल, बीडीसी गीता देवी, साक्षी फर्त्याल, ललिता पंत, आशा पंत आदि के हस्ताक्षर हैं।

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