◾ अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर चढ़ा अमेल गांव के बासिदों का पारा
◾अधिकारियों की कार्यप्रणाली से नाराज ग्रामीणों ने कार्यक्रम का कर डाला बहिष्कार
◾ विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों पर लगाया उपेक्षा का आरोप
◾ समस्याओं का समाधान न होने पर किया आंदोलन का ऐलान
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों का सब्र जवाब दे गया। अधिकारियों के कार्यक्रम में न पहुंचने पर गांव के वासिदों ने गहरी नाराजगी जता कार्यक्रम का बहिष्कार कर डाला। आरोप लगाया की अधिकारी कर्मचारी गांवों की उपेक्षा पर आमादा है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समस्याओं का समाधान न किए जाने पर आंदोलन का ऐलान किया।
शुक्रवार को बेतालघाट ब्लॉक मुख्यालय से सटे अमेल गांव स्थित पंचायत भवन में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम का आयोजन हुआ। बैठक में समस्याओं के समाधान की उम्मीद ले गांवों के बासिदे समय पर कार्यक्रम स्थल पर भी पहुंच गए। पेयजल संकट, सिंचाई, शिक्षा समेत तमाम महत्वपूर्ण मुद्दे उठा समाधान की मांग उठाई पर कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारीयों व कर्मचारीयों के बैठक में न पहुंचने पर ग्रामीणों का पारा चढ़ गया। ग्रामीणों ने ब्लॉक मुख्यालय से सटे गांव में महत्वपूर्ण बैठक में जिम्मेदार अधिकारियों के न पहुंचने पर बैठक का बहिष्कार कर डाला। आरोप लगाया की लगातार गांवों की उपेक्षा की जा रही है जबकि लोग समस्याओं के समाधान की उम्मीद से बैठको में पहुंचते हैं। लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। दो टूक चेतावनी दी की यदि मामले को गंभीरता से नही लिया गया तो फिर तहसील मुख्यालय में धरना शुरू किया जाएगा। ग्राम प्रधान पूजा फुलारा ने कहा की रोस्टर जारी होने के बावजूद जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों का महत्वपूर्ण बैठक में न पहुंच पाना निंदनीय है। इस दौरान हरीश कश्मीरा, शेखर फुलारा, दिनेश रावत,पुष्कर हाल्सी, गिरीश पंत, हरदयाल सिंह, बचे सिंह, नंदन सिंह, लक्ष्मण सिंह, त्रिलोक सिंह, हरीश चंद्र, नीमा देवी, सरस्वती देवी, शोभा देवी, रेखा देवी, कमला देवी आदि मौजूद रहे।
