◾ नदी क्षेत्र में धड़ल्ले से खुला छोड़ा गया है गंदा पानी
◾गंदगी से उठ रही भीषण दुर्गंध, संक्रामक बिमारी फैलने का भी खतरा
◾लगातार चल रहा सफाई अभियान बावजूद शिप्रा की अनदेखी
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

आस्था से जुड़ी उत्तरवाहिनी शिप्रा नदी लगातार प्रदूषित होती जा रही है बावजूद कोई सुधलेवा नहीं है। गरमपानी से खैरना क्षेत्र तक शिप्रा नदी में खुले गंदे पानी के पाइप शिप्रा को दूषित कर रहे हैं। जगह जगह गंदा पानी नदी में मिल रहा है जिससे संक्रामक बिमारी फैलने का खतरा भी बढ़ता ही जा रहा है। नदी के लगातार प्रदूषित होने के बावजूद जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं।
गरमपानी खैरना बाजार के पीछे बहने वाली उत्तरवाहिनी शिप्रा गंदगी से कराह रही है। एक किमी दायरे में जगह जगह अनगिनत गंदे पानी के पाइप शिप्रा नदी को प्रदूषित कर रहे हैं। कई स्थानों पर गंदा पानी शिप्रा में मिल रहा है। गंदे पानी के शिप्रा नदी में मिलने से संक्रामक बिमारियों के फैलने का खतरा भी दोगुना बढ़ गया है। आगे जाकर शिप्रा नदी कोसी नदी में मिल जाती है। कई पेयजल व सिंचाई योजनाओ के साथ ही तमाम गांवों के लोग नदी के पानी को पीने के साथ ही धार्मिक कार्यों में भी इस्तेमाल करते हैं। नदी में गंदे पानी के पाइप छोड़े जाने से लोगों की जिंदगी के साथ ही आस्था से भी खुला खिलवाड़ किया जा रहा है। समय समय पर विशेष स्वच्छता अभियान भी चलाए जाते हैं बावजूद उत्तरवाहिनी शिप्रा की अनदेखी समझ से परे है। पर्यावरण प्रेमियों ने नदी को स्वच्छ व साफ सुथरा बनाए रखने की पुरजोर मांग उठाई है।

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