◾ दो महीने से भी अधिक समय से पड़ा है पानी का अकाल
◾ लगातार आवाज उठाए जाने के बावजूद नहीं ली जा रही सुध
◾डेढ़ किमी दूर से सिर पर पानी ढोकर हलक तर कर रहे गांव के वासिंदे
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है बावजूद कोई सुध लेवा नहीं है। ताड़ीखेत ब्लॉक के सौला द्वितीय गांव के वाशिंदे दो महीने से भी अधिक समय से बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। गांव के वाशिंदे हलक तर करने को दूरदराज रुख करने को मजबूर है। पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने तत्काल व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है।
सौला द्वितीय गांव को रिची थापल पंपिंग पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है पर पिछले दो महीने से भी अधिक समय से गांव के सौ से अधिक परिवार बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि गांव के वासिदों को डेढ़ किमी दूरी से सिर पर पानी ढोकर घर तक पहुंचाना पड़ रहा है। गांव के बच्चे, बूढ़े, बुजुर्ग तक पानी ढोने को मजबूर है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार संबंधित विभाग के अधिकारियों को समस्या की जानकारी दिए जाने के बावजूद सुध नहीं ली जा रही। लगातार उपेक्षा की जा रही है। विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली का खामियाजा गांव के वासिदों को भुगतना पड़ रहा है। ग्राम प्रधान मंजू देवी, मदन सिंह, राम सिंह, जसवंत सिंह, केवलानंद, रमेश चंद्र, महेश चंद्र, केशव सिंह, रमेश राम, खुशाल सिंह, हीरा सिंह, प्रेम सिंह आदि ने तत्काल व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई है। दो टूक चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो फिर सड़क पर उतर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

error: Content is protected !!