◾ लगातार नुकसान से गांव के कास्तकार परेशान
◾कोसी नदी पार के गांवों से मवेशियों को छोड़ने का आरोप
◾ किसानों ने उठाई कार्रवाई की मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
कोसी घाटी में मवेशियों को आवारा छोड़ दिए जाने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मवेशी पलभर में ही उपज को बर्बाद कर दे रहे हैं। कास्तकारो ने मवेशियों को छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है।
कोसी घाटी के किसान पहले ही जंगली जानवरों के आंतक से परेशान हैं अब पालतू मवेशी भी किसानों के लिए सरदर्द बन चुके हैं। बेतालघाट ब्लॉक के गैरखाल गांव के कास्तकारो की कोसी नदी किनारे कई हैक्टेयर कृषि भूमि है। आपदा में भूमि रोखड़ा में तब्दील हो गई। किसानों ने हाड़तोड़ मेहनत कर जमीन को एकबार फिर उपजाऊ बनाया पर अब कोसी नदी पार के गांवों से छोडे़ जा रहे मवेसी किसानों की मेहनत पर पानी फेर दे रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया है की कोसी नदी पार के गांवों से मवेशियों को खुला छोड़ दिया जाता है जिससे मवेशियों का झुंड गैरखाल की कृषि भूमि तक पहुंचकर उपज को नुकसान पहुंचाता है। कई बार कहने के बावजूद कोसी नदी पार के गांवों से मवेशियों को छोड़ने का सिलसिला लगातार जारी है। जिससे लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है। गैरखाल के कास्तकार पुष्कर सिंह जलाल, जगत सिंह, जीत सिंह, बचे सिंह, जसोद सिंह आदि ने मवेशियों को छोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग उठाई है। चेतावनी दी है की यदि मनमानी की गई तो फिर प्रशासन की मदद ली जाएगी।
