◾पानी को मचा है हाहाकार, नलों से नहीं टपक रही बूंद
◾ तल्लाकोट गांव में हालात विकट, दूर दराज से पानी ढोना बनी मजबूरी
◾ ग्राम प्रधान ने मामले की उठाई जांच की मांग, उपेक्षा पर आंदोलन की चेतावनी
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

गांवों में पेयजल संकट सिर चढ़कर बोल रहा है। ग्रामीण बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना भी सफेद हाथी बन चुकी है। योजना में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद गांव में पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही। तल्लाकोट गांव में पेयजल समस्या विकराल रुप ले चुकी है। ग्राम प्रधान दीपा देवी ने जल्द व्यवस्था में सुधार न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दे दी है।
बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में पेयजल संकट से गांव के वासिंदे परेशान हैं। बेतालघाट ब्लॉक के तल्लाकोट गांव में भी हालात विकट है। बीते कई दिनों से गांव में पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। गांव के वासिंदे दूर दराज से पानी ढोने को मजबूर हो चुके हैं। जल संस्थान की योजना से आपूर्ति प्रभावित हो चुकी है।कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। गांव में जल जीवन मिशन योजना से बिछाई गई लाइन जख्मों को और हरा कर दे रही है। बीते एक वर्ष पूर्व लाखों रुपये से तैयार योजना से आज तक पानी की बूंद तक नहीं टपकी है। महत्वाकांक्षी योजना में लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद भी गांव में योजना से पानी न मिलने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है। ग्राम प्रधान दीपा देवी ने भी रोष जताया है। आरोप लगाया है की योजना के नाम पर बजट ठिकाने लगाया गया है। योजना का लाभ न मिलना बडे़ भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है। ग्राम प्रधान ने मामले की उच्चस्तरीय जांच करने तथा गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारू किए जाने की मांग उठाई है। चेतावनी दी है की यदि उपेक्षा की गई तो फिर ग्रामीणों को साथ लेकर उग्र आंदोलन शुरु कर दिया जाएगा।