◾प्राथमिक विद्यालय खैरना की दरकती छत कर रही बडी़ घटना की ओर इशारा
◾ बारिश में छत से पानी पहुंच जाता है कक्षा कक्ष तक
◾ जिम्मेदारों की अनदेखी बच्चों की जिंदगी पर न पड़ जाए भारी

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

गांवों में शिक्षा व्यवस्था का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। कहीं नौनिहाल गुरुजनों का इंतजार करते थक रहे हैं तो कहीं दरकती छत के नीचे बुनियादी शिक्षा का पाठ लेने को मजबूर हो चुके हैं। अनदेखी व उपेक्षा से नौनिहालों की जिंदगी पर बडा़ खतरा मंडरा रहा है बावजूद कोई सुध लेवा नहीं है जबकि बारिश के दौरान खतरा की गुना बढ़ जा रहा है।

पहाड़ में लोग पहाड़ जैसी जिंदगी जीने को मजबूर है तो वहीं अब नौनिहाल भी उपेक्षा व अनदेखी का दंश झेल रहे हैं।अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित प्राथमिक विद्यालय खैरना मे अध्यनरत बीस नौनिहालों की जिंदगी पर बडा़ खतरा मंडरा रहा है बावजूद कोई सुधलेवा नहीं है। विद्यालय की छत जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। छत पर गहराती दरारें बड़ी घटना की ओर इशारा कर रही है। दरकती छत के नीचे ही नौनिहाल बुनियादी शिक्षा का पाठ ले रहे हैं। खतरा लगातार बढ़ने के बावजूद कोई सुध लेवा नहीं है‌ कभी भी कोई बढ़ीं घटना सामने आने का अंदेशा बना हुआ है‌ प्रधानाचार्य हेमा तिवारी के अनुसार भवन की मरम्मत का प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया ‌। स्थानीय लोगों ने समय रहते विद्यालय का निरीक्षण कर मरम्मत करवाए जाने की मांग उठाई है ताकी भविष्य में नौनिहालों पर मंडरा रहे खतरे को टाला सके।

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