= भुजान के समीप पहाडी़ पर धधकी आग से स्टेट हाईवे पर हुई पत्थरो की बरसात
= घंटे भर तक ठप रहा यातायात
= खतरे की बीच बामुश्किल शुरु हुआ यातायात
(((ब्यूरो चीफ विरेन्द्र बिष्ट/फिरोज अहमद/भीम बिष्ट/सुनील मेहरा की रिपोर्ट)))
जंगलो की आग बेकाबू होने लगी है। मुख्य मोटर मार्गो से सटे जंगलो में आग लगने से सड़को पर पत्थर बरस रहे है जिस कारण बडे़ हादसो का खतरा बड़ते ही जा रहा है। देर रात रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे पर भुजान के समीप पहाडी़ पर आग धधकने से लगातार पत्थर गीरने से स्टेट हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया। करीब घंटेभर वाहनो की रफ्तार थमी रही।पत्थरो के गीरने का क्रम थमने के बाद खतरे के बीच यातायात सुचारु हुआ।
पहाडो़ में जंगलो की आग खूब कहर बरपा रही है। कई हेक्टेयर वन संपदा खाक हो चुकी है वहीं जंगली जानवरो को भी नुकसान होने की आंशका है। मुख्य सड़को से सटे जंगलो के आग की चपेट में आने से यातायात प्रभावित होने के साथ ही हादसो का खतरा भी बड़ता ही जा रहा है। बीते रविवार को पाडली क्षेत्र में पहाडी़ पर लगी आग से अल्मोडा़ हल्द्वानी हाईवे पर पत्थर गीरने से तीन घंटे से ज्यादा समय तक यातायात ठप होने के बाद देर रात रानीखेत खैरना स्टेट हाईवे पर भुजान के समीप स्थित पहाडी़ आग की चपेट में आ गई। देखते ही देखते आग की लपटो ने पहाडी के बडे़ हिस्से को आगोश में ले लिया। आग लगने से पहाडी़ से स्टेट हाईवे पर पत्थर गीरने शुरु हो गए। स्टेट हाईवे पर पत्थर गीरने से आवाजाही ठप हो गई। दोनो ओर छोटे बडे़ वाहनो की कतार लग गई। घंटे भर तक आवाजाही ठप रही। पत्थरो के गीरने का क्रम रुकने के बाद खतरे की बीच बामुश्किल यातायात सुचारु हुआ। लोगो ने जान हथेली पर आवाजाही की। क्षेत्रवासियों ने मुख्य सड़को से सटे जंगलो को आग से बचाने की मांग उठाई है।
