🔳 जगह जगह पुल का रैंप उखड़ने से आवाजाही भी हुई खतरनाक
🔳 जान जोखिम में डाल आवाजाही को मजबूर हुए ग्रामीण
🔳 तीन दर्जन से भी अधिक गांवों की जीवनरेखा है महत्वपूर्ण झूला पुल
🔳 ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत कर खतरा टालने की उठाई मांग
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]

अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से तीन दर्जन से भी अधिक गांवों को जोड़ने के लिए कोसी नदी पर बनी झूला पुल पर आवाजाही खतरनाक हो गई है बावजूद जिम्मेदारों की कुंभकरणीय नींद नहीं टूट रही। गांवों के लोग जान जोखिम में डाल आवाजाही को मजबूर हो चुके हैं। ग्रामीणों ने सेतू की हालत में सुधार की मांग उठाई है।
हाईवे पर स्थित नावली बाजार क्षेत्र से वलनी, जनता, भौरु, रिकोसा, जाख, पजीना, शेर समेत लगभग तीन दर्जन से भी अधिक गांवों के लोग कोसी नदी पर बनी वर्षों पुरानी झूला पुल पर आवाजाही करते हैं। गांवों के किसान उपज को इसी पुल से अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे तक पहुंचाते हैं गांवो में स्थित विद्यालयों में तैनात भी इसी सेतू से गांवों में पहुंचते हैं पर पिछले कुछ समय से पुल की हालत दयनीय हो चुकी है। पुल का रैंप उखड़ने से अब टीन की चादर तक बाहर निकल आई है। जिम्मेदारों की अनदेखी से स्थित लगातार बिगड़ते ही जा रही है। कभी भी बड़ी घटना सामने आने का अंदेशा भी बढ़ता ही जा रहा है। जनता गांव निवासी कमल सिंह बिष्ट के अनुसार आवाजाही बेहद ख़तरनाक होने के बावजूद अनदेखी की जा रही जबकि महत्वपूर्ण पुल से रोजाना सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। पुल गांव की जीवन रेखा है। पूर्व सैनिक बचे सिंह, चंदन सिंह, भगवत सिंह, राजन सिंह, रवि आदि ग्रामीणों ने भी पुल की हालत में सुधार किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है ताकि समय रहते खतरा टल सके।

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