🔳 लगातार बदल रहे उपजिलाधिकारियों से हैरत में लोग
🔳 भौगौलिक परिस्थितियों को समझने से पहले ही बदले जा रहे एसडीएम
🔳 मानसून के नजदीक होने के बाद अब फिर हुआ एसडीएम का तबादला
🔳 लगातार तबादलों से विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों में नाराजगी
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित श्री कैंची धाम तहसील (पूर्व में कोश्या कुटोली) में सात वर्षों में चौदह उपजिलाधिकारियों की तैनाती से सवाल खड़े होने लगे हैं। इससे पहले की उपजिलाधिकारी भगौलिक परिस्थिति व गांवों की समस्याओं को समझने की शुरुआत ही करते हैं की कुछ समय में ही उनका तबादला हो जाता है। अब मानसून करीब होने के बावजूद एक बार फिर उपजिलाधिकारी को बदल डाला गया है।
विपरित भौगौलिक परिस्थितियों के साथ ही आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील मानी जाने वाली श्री कैंची धाम तहसील में पिछले सात वर्षों से एक के बाद एक उपजिलाधिकारियों के तबादलों का दौर जारी है। हालात ऐसे हैं की महज सात वर्षों में कोसी घाटी के लोग चौदह उपजिलाधिकारियों के कार्यकाल को देख चुके है। महिनों में बदल जा रहे उपजिलाधिकारियों से क्षेत्र के लोग भी परेशान हैं। समस्या लेकर तहसील पहुंचने वाले लोग लगातार नए नए उपजिलाधिकारियों को समस्याएं बता बता कर थक चुके हैं। सात मार्च 2019 को उपजिलाधिकारी का जिम्मा संभालने वाले गौरव चटवाल का महज दो महीने में ही यानी 16 मई 2019 को तबादला कर दिया गया। उनके बाद आए विवेक राय एक महीने के कार्यकाल के बाद हल्द्वानी भेज दिए गए। दोबारा फिर गौरव चटवाल ने क्षेत्र को समझने की कोशिश की ही थी की एक वर्ष बाद फिर उनका स्थानांतरण कर दिया गया। रिचा सिंह चार, प्रतीक जैन पांच व विनोद कुमार छह तथा अनुराग आर्या एक महीने तथा योगेश सिंह बतौर एसडीएम महज सात दिन कार्यकाल पूरा कर सके। इन सबके बाद भी उपजिलाधिकारियो के लगातार बदलनें का क्रम नहीं थमा। एसडीएम रविन्द्र सिंह महज एक महीने का कार्यकाल पूरा कर सके। एसडीएम राहुल शाह एक वर्ष तीन महीने, पारितोष वर्मा सात महीने ही एसडीएम की कमान संभाल सके हालांकि विपिन पंत ने एक वर्ष चार महीने का कार्यकाल पूरा किया पर उनके तबादले के बाद आए तुषार सैनी महज चार महीने ही एसडीएम रह सके। उनके बाद अब मोनिका पिछले एक वर्ष से तेज़ी से गांवों का दौरा करने के साथ ही आगामी मानसून में आपदा से निपटने की तैयारियों में जुटी ही थी की अब उनका भी तबादला हल्द्वानी कर दिया गया है लगातार उपजिलाधिकारियों के बदलने से विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों के साथ ही क्षेत्र के लोग भी हैरान हैं। क्षेत्रवासियों ने मानसून के नजदीक होने के बावजूद एकाएक एसडीएम को बदले जाने को ग़लत करार दिया है।
