🔳 पांच किमी दूर से पानी ढोना बन चुकी मजबूरी
🔳 दस दिनों से गांव में ठप पड़ी है पेयजल आपूर्ति
🔳 विभागीय अधिकारियों के सुध न लेने पर क्षेत्रवासियों में नाराजगी
🔳 बारगल कफूल्टा पंपिंग पेयजल योजना से होती है आपूर्ति
[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के कफूल्टा गांव के तीन सौ से भी अधिक परिवार पिछले दस दिनों से बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं। करोड़ों रुपयों की लागत से बनी बारगल कफूल्टा पंपिंग पेयजल योजना से पानी उपलब्ध न होने से गांव के लोग करीब पांच किमी दूर स्थित प्राकृतिक जल स्रोत से पानी ढोने को मजबूर हो चुके हैं। ग्रामीणों ने विभागीय अनदेखी पर गहरी नाराजगी जताई है।
कफूल्टा गांव के तीन सौ से भी अधिक परिवारों को शिप्रा नदी पर बनी बारगल कफूल्टा पंपिंग पेयजल योजना से पेयजल की आपूर्ति की जाती है पर पिछले दस दिनों से आपूर्ति ठप होने से गांव में बूंद बूंद पानी को हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीण कई बार आपूर्ति सुचारु किए जाने की मांग भी उठाई चुके हैं बावजूद सुध नहीं ली जा रही। पेयजल संकट गहराने से लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गांवों के लोग चिलचिलाती धूप में पांच किमी दूर से सिर पर पानी के बर्तन ढोकर घरों तक पहुंचाने को मजबूर हो चुके हैं। स्थानीय प्रेम सिंह रावत ने आरोप लगाया की आए दिन टेस्टिंग की बात कहकर गुमराह किया जा रहा है। पानी उपलब्ध न होने से गांव के लोग परेशान है पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। विभागीय अधिकारियों पर गांव की उपेक्षा का आरोप भी लगाया। क्षेत्र के दान सिंह, त्रिवेणी पांडे, तारा सिंह, मोहन सिंह, विरेन्द्र रावत, प्रेम सिंह आदि ने जल्द पेयजल आपूर्ति सुचारु किए जाने की मांग उठाई है। दो टूक कहा कि अनदेखी कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जल निगम की अधिशासी अभियंता पल्लवी चौधरी के अनुसार आपूर्ति जल्द सुचारु करने के निर्देश दिए जाएंगे। लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
