🔳 श्रद्धालुओं से सामान छिनने का कर रहे प्रयास
🔳 असफल रहने पर काटने दौड़ रहे कटखने बंदर
🔳 आश्रम के कर्मचारी भी दिनभर बंदर भगाते भगाते परेशान
🔳 धनियाकोट व आसपास के गांवों में आम व लीची की उपज को कर डाला बर्बाद
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर काकड़ीघाट स्थित सुप्रसिद्ध नींब करौरी आश्रम में बंदरों के उत्पात से श्रद्धालुओं को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर प्रबंधन भी बंदरों की बढ़ती घुसपैठ से चिंतित हैं। सामान व प्रसाद छिनने के प्रयास में बंदर श्रद्धालुओं पर झपट जा रहे हैं वहीं धनियाकोट व आसपास के गांवों में लीची व आम समेत सब्जियों की उपज को बंदरों ने बर्बाद कर डाला है।
कोसी नदी के तट पर स्थित सुप्रसिद्ध नींब करौरी आश्रम काकड़ीघाट में बंदरों का झुंड परेशानी का सबब बन चुका है। मंदिर के मुख्य गेट पर डेरा जमाए बैठे बंदर श्रद्धालुओं से सामान छिनने का प्रयास कर रहे हैं असफल होने पर श्रदालुओं पर झपट जा रहे हैं। आश्रम के कर्मचारी भी दिनभर बंदरों को भगाने में जुटे हुए हैं। लगातार बढ़ रहे आंतक के बावजूद वन विभाग के सुध न लिए जाने पर क्षेत्रवासियों ने गहरी नाराजगी जताई है। जिला पंचायत सदस्य निशा कनवाल ने श्रदालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रख बंदर पकड़ने को अभियान चलाए जाने की मांग वन विभाग से की है। बेतालघाट ब्लॉक के धनियाकोट समेत आसपास के तमाम गांवों में बंदरों ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचा दिया है। पेड़ों में लगे आम व लीची पर बंदरों का झुंड टूट पड़ रहा है। किसान बंदरों को भगाने का प्रयास कर रहे तो कटखने बंदर काटने दौड़ रहे हैं। बंदरों के लगातार नुकसान पहुंचाए जाने से किसान चिंतित है। स्थानीय नीरज सिंह जलाल, राजेंद्र सिंह, मोहन सिंह, गोपाल सिंह, जीवन सिंह, लाल सिंह, गोधन सिंह, कुंदन सिंह आदि किसानों ने क्षति का मुआवजा दिलाए जाने की मांग उठाई है।
