🔳 खतरे से अनजान होकर नदी में लगा रहे डुबकी
🔳 कई लोगों की हो चुकी है डूब कर मौत, बावजूद बने हैं लापरवाह
🔳 पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देने पर हो रहे आमादा
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही पर्यटकों के नदियों में नहाने उतारने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। अब पर्यटन नियमों की धज्जियां उड़ाकर वाहन समेत नदी क्षेत्र में पहुंच जा रहे हैं जिससे खतरा कई गुना बढ़ जा रहा है। नदी क्षेत्र में घंटो तक नदी में नहाने उतर रहे पर्यटक जान जोखिम में डाल रहे हैं जबकि पूर्व कई लोगों की नहाने के दौरान मौत भी हो चुकी है।
पुलिस प्रशासन ने कोसी व शिप्रा नदी क्षेत्र में खतरे वाले स्थान पर आवाजाही सख्ती से प्रतिबंधित की है बाकायदा चेतावनी बोर्ड भी स्थापित किए गए हैं बावजूद पर्यटक नदी क्षेत्र में खतरे वाले स्थानों पर नहाने उतर जा रहे हैं। शनिवार को पर्यटकों का वाहन कालिका मोड़ क्षेत्र में कोसी नदी तक पहुंच गया। वाहन को नदी क्षेत्र में धोने के बाद पर्यटक घंटों तक खतरे की डुबकी लगाने में मस्त रहे। आसपास के लोगों ने पर्यटकों को चेताया भी पर पर्यटकों ने एक न सुनी। खतरे से बेपरवाह पर्यटक घंटों तक डुबकी लगाते रहे। स्थानीय लोगों ने वाहनों के नदी में उतरने के रास्तों को तत्काल बंद किए जाने की मांग उठाई है। अंदेशा जाता है कि यदि यही हालात रहे तो कभी भी बड़ी अनहोनी सामने आ सकती है। क्षेत्रीय जन विकास संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष मनीष तिवारी, उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बिष्ट, फिरोज अहमद, सुनील सिंह मेहरा, बिशन जंतवाल, प्रेमनाथ गोस्वामी समेत तमाम लोगों ने नदी में प्रवेश पर जुर्माने का प्रावधान किए जाने पर जोर दिया है ताकि बडी अनहोनी को टाला जा सके।
