🔳 नियमों के उल्लघंन पर सीईओ ने अपनाया सख्त रुख
🔳 विद्यालय से आठ किमी दायरे में रहने का है प्रावधान
🔳 बकायदा हाउस रेंट भी कराया जाता है उपलब्ध
🔳 दूरदराज से आवाजाही के कारण विद्यालयों में चरमरा रही शिक्षा व्यवस्था
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]
गांवों में स्थित विद्यालयों में नियमों की धज्जियां उड़ाकर कई किलोमीटर दूर से आवाजाही करने वाले शिक्षक शिक्षिकाओं पर शिकंजा कसने को शिक्षा विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। कई शिकायतों के सामने आने के बाद मुख्य शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से ले मामले में कार्रवाई पर जोर दिया है। स्पष्ट किया है की नियमों का उल्लघंन कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बेतालघाट ब्लॉक के कई विद्यालयों में तैनात शिक्षक शिक्षिकाओं के हल्द्वानी, भवाली, भीमताल, रामनगर, नैनीताल आदि क्षेत्रों से रोजाना विद्यालय आवाजाही के मामले उठते रहे हैं। दूरदराज से विद्यालय पहुंचने से विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ होने की शिकायत भी कई बार सामने आई। अब हाईवे पर आए दिन जाम की स्थिति से अध्यापक अध्यापिकाओं के घंटों जाम में फंसने और विद्यालय देर में पहुंचने का मामला तूल पकड़ गया है। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग शिक्षक शिक्षिकाओं को विद्यालय से आठ किमी की दूरी में निवास करने को हाऊस रेंट उपलब्ध कराता है बावजूद गांवों में स्थित कई विद्यालयों में तैनात शिक्षक व शिक्षिकाएं दूर दराज से विद्यालयों को आवाजाही करते हैं। लेटलतीफी के कारण विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के भविष्य से भी खिलवाड़ हो रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी आरएस नेगी ने भी मामले को गंभीर बात कार्रवाई पर जोर दिया है सीईओ के अनुसार नियमों का उल्लंघन कर दूरदराज से विद्यालय पहुंचने वालों शिक्षक शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
