= जंगली खरगोश, घूरड़ व काकड़ के रोड पर पहुंचने से दुर्घटना का भी खतरा
= जंगली जानवरो को देखने वालो का लग रहा तांता
(((अंकित सुयाल/कुबेर जीना/महेंद्र कनवाल/हरीश चंद्र की रिपोर्ट)))
जंगलों में लगी आग से अब जंगली जानवर भी प्रभावित होने लगे हैं। जंगली खरगोश के साथ ही घुरड़ व काकड़ भी हाईवे पर देखे जा रहे हैं। जंगली जानवरों के हाईवे तक पहुंचने से जानवरों के वाहनों से टकराने का भी अंदेशा बना हुआ है।
पर्वतीय क्षेत्रों में दावानल कहर बरपा रही है। वन संपदा खाक होने के साथ ही दावानल आबादी तक पहुंच नुकसान पहुंचाने लगी है। वही जंगलों की आग से जंगली जानवर भी प्रभावित होने लगे हैं। कई जंगली जानवर अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे तक पहुंच रहे हैं जिससे दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। शुक्रवार देर रात दो घुरड़ (जंगली हिरण) हाईवे तक आ पहुंचे। एकाएक हाईवे पर पहुंचे जंगली घुरड़ को देखने वालों का तांता लग गया। हाईवे पर दौड़ रहे वाहनों के पहिए थम गए। लोग काफी देर तक जंगली जानवर को देखते रहे बाद में जंगली जानवर भी काफी देर तक हाइवे पर रुकने के बाद में खतरे का आभास होने पर वह तेजी से थुआ के जंगल की ओर रवाना हो गए। काफी दूर पहाड़ी पर बैठ हाईवे पर जुटी भीड़ को देखते रहे। रोजाना जंगली जानवर हाईवे तक पहुंच रहे हैं ऐसे में हाईवे पर दौड़ रहे वाहनों से जंगली जानवरो के टकराने का खतरा भी बना हुआ है।
