◾चौरसा गांव में हुआ सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम
◾ग्रामीणों ने उठाया सड़क, पेयजल व शिक्षकों का मुद्दा
◾ जल्द समाधान न होने पर दे डाली आंदोलन की चेतावनी
◾तहसीलदार ने अधिकारियों को दिए प्राथमिकता से समस्याओं के समाधान के निर्देश
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

बेतालघाट ब्लॉक के चौरसा गांव में सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत हुई बैठक में सड़क व पानी का मुद्दा जोरशोर से उठा। पीएमजीएसवाई, जल संस्थान व वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के बैठक में न पहुंचने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। तहसीलदार मनीषा मारकाना ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान के निर्देश दिए। दो टूक चेताया की कोताही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुरुवार को गांव में स्थित विद्यालय परिसर में हुई बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान सविता बिष्ट ने की। गांव के बाशिंदों ने बदहाल सड़क का मुद्दा जोरशोर से उठाया। पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग भी उठाई। ग्रामीणों ने कहा की गांव में स्थित विद्यालय में शिक्षकों की कमी है। बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है बावजूद सुध नहीं ली जा रही। दो टूक चेतावनी दी की यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो फिर आंदोलन शुरु किया जाएगा। तहसीलदार मनीषा मारकाना ने लगभग पंद्रह शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया जबकि अन्य समस्याओं के समाधान को विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। बाद में ग्राम पंचायत में हुए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की जानकारी दे लाभ उठाने का आह्वान किया। इस दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी पितांबर आर्या, राजस्व उपनिरीक्षक मोहम्मद शकील, संजय सिंह, नंदन सिंह, तारा सिंह, जगत सिंह, आनंद सिंह, पान सिंह, कुंवर सिंह, किशोर सिंह, मनोहर सिंह, दीवान सिंह, चमन सिंह, पूरन सिंह, रामदत्त, त्रिलोक चंद्र, नेहा बिष्ट, प्रियंका बिष्ट, उषा बिष्ट, मालती देवी, इंदिरा देवी आदि मौजूद रहे।

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