◾कोविड काल में गांव लौटे युवाओं के आगे रोजी रोटी का संकट पैदा होने का जताया अंदेशा
◾मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज मामले में उचित निर्णय लेने की उठाई मांग
◾न्यायालय के निर्णय का सम्मान पर व्यापारी हितों की रक्षा की लगाई गुहार
◾अतिक्रमण हटाने को छह माह का समय उपलब्ध कराने पर भी दिया जोर
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
कोसी घाटी क्षेत्र में अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ गया है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल पदाधिकारियों ने एसडीएम के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज मामले में राहत दिलाए जाने की मांग उठाई है। अतिक्रमण पर कार्रवाई में छह माह का समय उपलब्ध कराने समेत तमाम बिंदुओं पर ध्यान खींचा है।
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित गरमपानी खैरना तथा आसपास के क्षेत्रों में अतिक्रमण मामले में नोटिस भेजे जाने से स्थानीय लोग सख्ते में है। शनिवार को प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल अध्यक्ष गजेंद्र नेगी व महामंत्री गोविंद नेगी की अगुवाई में व्यापारियों ने उपजिलाधिकारी कोश्या कुटोली पारितोष वर्मा के माध्यम से सीएम पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेज अतिक्रमण हटाए जाने को क्षेत्रवासियों को छह महीने का समय उपलब्ध कराने की मांग उठाई। ज्ञापन में माध्यम से कहा कि सभी व्यापारी न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हैं पर अतिक्रमण पर एकतरफा कार्रवाई न्यायोचित नहीं है। कोविड काल के बाद से शहरो व महानगरों में रहने वाले युवा वापस लौटकर बाजार क्षेत्र में व्यवसाय कर परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। अब अतिक्रमण पर नोटिस भेजे जाने से युवाओं के आगे एक बार फिर। रोजगार का संकट खड़ा हो गया। वर्षो से काम धंधे में जुटा व्यापारी वर्ग भी निराश हैं। व्यवसाय बंद होने से पलायन ही एकमात्र रास्ता बचा है। व्यापारी नेताओं ने गरमपानी खैरना तथा आसपास के क्षेत्रों के लोगों के हितों को ध्यान में रख उचित निर्णय लिए जाने की मांग मुख्यमंत्री से की है। इस दौरान कैलाश पिनारी, विरेंद्र सिंह मेहरा, भरत जलाल, नरेंद्र पिनारी, संतोष मंगच्वाडी, भैरव नैनवाल, कैलाश आर्या, अनिल बुधलाकोटी, सुरेश सिंह, संजय सिंह, आंनद सिंह, गंगा सिंह, नरेंद्र सिंह, धन सिंह, केदार सिंह, मनोज सिंह, रिजवान अली, श्याम सिंह, संतोष जलाल, सूरज गोस्वामी, नीमा देवी, हेमा देवी, चंपा देवी, तुलसी देवी, गंगा देवी आदि मौजूद रहे।
