= पेड़ों से गिरा दिए कच्चे फल
= कोरोना व आपदा के बाद से ही नुकसान भुगत रहे पहाड़ के किसान
= क्षेत्रवासियों ने उचित मुआवजा दिए जाने की उठाई मांग
(((हरीश कुमार/पंकज भट्ट/भीम बिष्ट की रिपोर्ट)))
पहाड़ के किसान नुकसान पर नुकसान उठा रहे। पहले आपदा ने किसानो को भारी क्षति पहुंचाई अब आधी तूफान किसानो के लिए कहर बनकर आया। फल उत्पादक गांवो में आंधी तूफान से पूलम व खुमानी की उपज को नुकसान पहुंचा है। क्षेत्रवासियों ने किसानो को मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
पिछले दो वर्षो से कभी कोरोना तो कभी आपदा की मार झेल रहे पहाड़ के कास्तकार भारी नुकसान उठा रहे है। सब कुछ ठिक होने की उम्मीद ले किसानो ने खेतो को रुख किया ही था की अब आंधी तूफान ने किसानो के लिए नई मुसीबत खडी़ कर दी है। बीती रात आंधी तूफान ने थुआ ब्लाक, हरीनगर तथा हरतोला क्षेत्र में पेडो़ में लगी खुमानी तथा पूलम के फलो को गीरा दिया। फल अभी ठंग से तैयार भी नही हुए थे। फल की उपज को नुकसान होने से किसाने के माथे पर चिंता की लकिरे गहरा गई है। लगातार हो रहे नुकसान से अब किसानों का मन खेतीबाड़ी से भंग होने लगा है। किसानों के अनुसार हाड़तोड मेहनत के बावजूद नुकसान पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। स्थानीय हरीश चंद्र, पंकज भट्ट, जगदीश लाल, प्रकाश चंद, विनोद कुमार, सुनील कुमार आदि लोगों ने किसानों को क्षति का उचित मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। दो टूक चेतावनी दी है कि यदि किसानों के हितों से खिलवाड़ किया गया तो फिर किसानों को साथ लेकर आंदोलन शुरू किया जाएगा।
