◾ श्रवण कुमार के नाम से भी जाने जाते हैं डी कृष्ण कुमार
◾ 66 हजार 240 किमी से भी अधिक का तय कर चुके सफर
◾ कैंची धाम में पूजा अर्चना कर किया हनुमान चालीसा का पाठ
◾ कैंची धाम से शुरु की बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमनोत्री व गंगोत्री की यात्रा
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

कारपोरेट जगत की नौकरी छोड़कर मां की इच्छा को पूरा करने को तीर्थाटन करा रहा बेटा अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर बाबा नीम करौली के धाम पहुंचा। मां के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। बाद में मां के साथ स्कूटर से ही बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमनोत्री व गंगोत्री को रवाना हो गए । मां को स्कूटर में कश्मीर से कन्याकुमारी तथा देश के तमाम तीर्थ करा चुके दक्षिणामूर्ति कृष्ण कुमार को लोग श्रवण कुमार के नाम से भी जानते हैं।
मैसूर(कर्नाटक)निवासी डी कृष्ण कुमार की कहानी जो भी सुनता है वह हैरत में पड़ जाता है। डी कृष्ण कुमार कंप्यूटर साइंस से इंजीनियर की डिग्री प्राप्त कर बेंगलुरु की मल्टीनेशनल कंपनी की नौकरी को छोड़ मां की सेवा में जुटे हुए हैं। लोगों के बीच श्रवण कुमार के नाम से भी जाने जाते हैं। वह एक ऐसे शख्स हैं जो अपनी मां को स्कूटर में तीर्थाटन करा रहे हैं। कश्मीर से कन्याकुमारी तथा कई तीर्थ घूम चुके डी कृष्ण कुमार अपनी 73 वर्षीय मां चूड़ारत्नम्मा को 66 हजार 240 किलोमीटर से भी अधिक का सफर तय कर विभिन्न तीर्थ करा चुके हैं। कॉरपोरेट जगत की बेहतर नौकरी छोड़ डी कृष्ण कुमार ने अपना जीवन मां की सेवा को समर्पित कर दिया है। बीते मंगलवार को डी कृष्ण कुमार अपनी माता को लेकर अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर कैंची धाम पहुंचे। बाबा नीम करौली के दर पर माथा टेका। हनुमान चालीसा का पाठ कर देश दुनिया की खुशहाली को प्रार्थना की। बाबाओं की लीलाओं की जानकारी प्राप्त की। डी कृष्ण कुमार के अनुसार बाबा नीम करौली के धाम पहुंचकर अलौकिक शांति की अनुभूति हुई है। डी कृष्ण कुमार अब मां को स्कूटर में साथ लेकर बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमनोत्री धाम को रवाना हो चुके हैं।

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