◾ करोड़ों रुपये की लागत से तैयार काकड़ीघाट खूंट मोटर मार्ग की हो गई दुर्दशा
◾ जगह जगह अनगिनत गड्ढे, सुरक्षा दीवारे ध्वस्त
◾ मार्ग की बदहाली कर रही अफसरों की अनदेखी की हकीकत बंया

((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

एक ओर ग्रामीण सड़कों को दुरुस्त करने के लिए लाखों करोड़ों रुपये का बजट खर्च किया जा रहा है पर ग्रामीण सड़कें बजट ठिकाने लगाने का जरिया बन चुकी है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बना काकड़ीघाट – खूंट मोटर मार्ग अफसरों की लापरवाही बंया कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है की करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मार्ग की हालत दयनीय बनी चुकी है। ग्रामीणों ने कार्यों की जांच की मांग उठा कार्रवाई की मांग की है।
प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी सड़कों को गड्ढे मुक्त करने के दावे कर रहे हैं दूसरी ओर प्रधानमंत्री के नाम से बनने वाली सड़कों पर ही बजट ठिकाने लगाने का कार्य किया जा रहा है। तमाम गांवों को जोड़ने वाला काकड़ीघाट खूंट मोटर मार्ग इसका जीता जागता उदाहरण बन चुका है‌। लगभग सात करोड़ से भी अधिक की लागत से तैयार मोटर मार्ग बदहाली का दंश झेल रहा है। बेड़गांव, रैंगल, सैंज, सरना, डोबा, सिद्धपुर, कमान, समेत तमाम क्षेत्रों में सड़क पर अनगिनत गड्डे गुणवत्ता विहीन कार्यों की हकीकत बंया कर रहे हैं जबकि जगह जगह ध्वस्त सुरक्षा दीवारे बड़ी घटना की ओर इशारा कर रही है बावजूद कोई सुध लेवा नहीं है। स्थानीय महिंद्र रौतेला, बालम रौतेला, भरत रौतेला, कमल तिवारी, चंद्रशेखर कांडपाल, कुबेर सिंह जीना आदि ने मोटर मार्ग को दुरुस्त करने की मांग उठाई है। दो टूक कहा है कि गुणवत्ता विहीन कार्य कतई बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे।

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