◾पूर्णाहुति व महाआरती के बाद लगा भंडारा
◾भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से गुंजायमान हुई कोसी घाटी
◾आसपास के गांवों से उमड़ा आस्था का सैलाब
◾देर शाम तक जारी रहा भजन कीर्तन का दौर
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
बेतालघाट स्थित दुर्गापुरी धाम में पूर्णाहुति व महाआरती के बाद लगे भंडारे के साथ श्रीमद् भागवत कथा का पारायण हो गया। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से समूची कोसी घाटी गुंजायमान हो उठी।
जीवनदायिनी कोसी नदी के तट पर स्थित सुप्रसिद्ध दुर्गापुरी धाम में गुरुवार को रोजाना की तरह संत रविशंकर की अगुवाई में धर्माचार्य प्रेम शास्त्री ने यजमान पान सिंह जलाल व चंपा जलाल से विधि विधान से धार्मिक अनुष्ठान पूरे कराए। विशेष मंत्रोच्चार के बीच क्षेत्र की सुख, शांति व समृद्धि को प्रार्थना की गई। कथा व्यास आचार्य सतीश लोहनी ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का वर्णन किया। कहा की भगवान श्रीकृष्ण संसार के कण कण में विराजमान हैं। सच्चे मन से भगवान श्रीकृष्ण के स्मरण से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। बाद में पूर्णाहुति व महाआरती के बाद भंडारा लगा। आसपास के अमेल, सेठी, रोपा, घोड़िया हल्सों, आमबाडी़, चापड़, डाभर, तिवाड़ी गांव, जोशीखोला, मल्ली व तल्ली पाली, सिमलखा, ऊंचाकोट आदि तमाम गांवों से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम तक भजन-कीर्तनो का दौर जारी रहा। आयोजन समिति सदस्य व्यवस्था बनाने में जुटे रहे।
