= द्वाराहाट में दिखी राज्य की गौरवशाली परंपरा
= ढोल, नगाड़े, निषाण ले उमड़ पड़ा आस्था का सैलाब
(((टीम तीखी नजर की.रिपोर्ट)))

द्वाराहाट के स्यालदे बिखौती कौतिक में नौज्यूला धड़ा में शामिल तमाम गांवों के रणबांकुरों ने सबसे पहले ओढ़ा भेंटने की रस्म निभाई। गुरुवार को दिन में बाटपुजै का विशेष पूजन किया गया। शाम को नौज्यूला धड़े के हाट, सलालखोला, कौंला, भूमकिया, ध्याड़ी, बमनपुरी, तल्ली काहली आदि कई गांवों के रणबांकुरे नगाड़े निषाणों के साथ मुख्य चौराहा पर पहुंचे। वीररस से भरे झोड़ा गीतों ने लोगो को उत्साहित किया। नगर के शीतलापुष्कर मैदान में भी लोक संस्कृति के विभिन्न रंग दिखे । विभिन्न विद्यालयों के बच्चों, ने शोभायात्रा निकाली। झांकियों में कुमाऊं व द्रोण पब्लिक स्कूल, विवेकानंद इंटर कालेज, सरस्वती विद्या मंदिर, एमडी तिवारी हाईस्कूल, दूनागिरि जूनियर मॉडर्न स्कूलों के बच्चे इसमें शामिल हुए।
