🔳 आबादी के नजदीक पहुंच मवेशियों के शिकार से दहशत
🔳 गुलदार की आवाजाही तेज होने से अनहोनी का अंदेशा
🔳 ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने व पशुपालकों को मुआवजे की उठाई मांग
[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

गांवों में गुलदार की आवाजाही तेज होने तथा ग्रामीणों पर हमलावर होने की घटनाएं बढ़ने से दहशत में आए गांव के लोग अब लाठी डंडों के साथ घरों से बाहर निकलने को मजबूर हो रहे हैं। खेतों में भी जाने में भी किसान डंडों को साथ रख रहे हैं। समीपवर्ती चापड गांव में गुलदार की दहशत बढ़ने से खौफजदा ग्रामीण डंडों का सहारा लेने को मजबूर हो गए हैं। गांव के लोगों ने पिंजरा लगाने की मांग उठाई है।
बेतालघाट व ताड़ीखेत ब्लॉक के गांवों में गुलदार दहशत का पर्याय बन चुका है। उल्गोर तथा डोबा गांव में बुजुर्ग महिलाओं पर हमलावर होने के बाद अब समीपवर्ती चापड गांव में गुलदार की घुसपैठ तेज होने से गांव के लोग दहशत में हैं। बुधवार को गुलदार ने दिन दोपहर आबादी के नजदीक नारायण सिंह राणा के गौवंशीय पशु को ढेर कर डाला। दिन दोपहर हुई घटना से गांव में दहशत फैल गई है। पूर्व में भी गुलदार मवेशियों का शिकार कर चुका है पर इस बार दिन के उजाले में हमलावर होने से लोग सहम गए हैं। दहशत बढ़ने से गांव के लोग लाठी डंडों के साथ घरों से निकल रहे हैं। खेतों में किसान लाठी डंडे लेकर पहुंच रहे हैं। शाम होने के साथ ही गांव में सन्नाटा पसर जा रहा है लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। स्थानीय पूरन सिंह, भास्कर राणा, करन सिंह बिष्ट, दुर्गा देवी, हरिओम जोशी, रजनी जोशी आदि ने पशुपालक को मुआवजा देने तथा गांव में पिंजरा लगा गुलदार के आंतक से निजात दिलाने की मांग उठाई है।