🔳 सीएचसी सुयालबाड़ी में पांच सूत्रीय मांगों को लेकर दिया धरना
🔳 वार्ता को पहुंचे अफसरों को लौटाया बैरंग वापस
🔳 मांगे पूरी न होने तक पीछे न हटने का ऐलान
🔳 स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर चढ़ा है पारा
[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]]]

स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली को लेकर चौखुटिया के बाद अब राज्य स्थापना दिवस पर रामगढ़ ब्लॉक के पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने भी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुयालबाड़ी में समुचित चिकित्सकों की तैनाती समेत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरु हो गया है। वार्ता को पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी आंदोलनकारियों ने बैरंग लौटा दिया।
पहाड़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर परेशान ग्रामीण अब आंदोलन को मजबूर हो चुके हैं। रविवार को रामगढ़ ब्लॉक के दर्जनों पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुयालबाड़ी में धरना शुरु कर दिया। ग्राम प्रधान सिमराड़ व राष्ट्रीय सेवा संघ के प्रदेश महासचिव भारतेन्दु पाठक ने स्वास्थ्य विभाग पर गांवो की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाया। कहा की सीएचसी सुयालबाड़ी पर तमाम गांवों के लोग निर्भर है बावजूद लगातार अनदेखी की जा रही है। अस्पताल महज रेफर सेंटर बन चुका है। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा की सीएचसी में मानक अनुसार समुचित चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती, डिजीटल एक्स मशीन उपलब्ध कराने, समुचित जांच व दवाओं की उपलब्धता, एंबुलेंस की निरंतर सुविधा तथा गांवों में प्रतिमाह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाने की मांग उठाई। दो टूक चेतावनी दी की जब तक मांगे पूरी नहीं होंगी आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। धरने के दौरान एसीएमओ डा. आरसी जोशी व डा. लक्ष्मण मेहता वार्ता को पहुंचे तथा जल्द व्यवस्था दुरुस्त करने को भरोसा दिलाया पर आंदोलनकारियों मांगे पूरी होने तक पीछे न हटने की बात पर अड़े रहे। आंदोलनकारियों ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ नारेबाजी कर रोष भी जताया। इस दौरान ज्येष्ठ उपप्रमुख रणजीत सिंह जीना, ग्राम प्रधान कमोली तरुण कांडपाल, प्रधान सुयालबाड़ी दीपक सुयाल, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कुबेर सिंह जीना, बीडीसी प्रतिनिधि मनोज दानी, पूर्व प्रधान रविन्द्र कुमार, यशवंत सिंह, अर्जुन सिंह, हरदयाल सिंह, बच्चन जीना, नीरज नेगी, मदन सिंह नेगी, विपुल जीना, हिमांशु चौहान, हीरा सिंह, विनोद चंद्र, देवेंद्र सिंह नेगी, राजेंद्र सिंह, धन सिंह समेत चोपड़ा, सिरसा, मनर्सा, चोपड़ा, चांफा समेत तमाम गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे।