◾ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव ने लगाए गंभीर आरोप
◾ जिम्मेदार अफसरों की कार्यप्रणाली पर भी खडे़ किए सवाल
◾ पंचायतों की बैठक में गैरमौजूदगी पड़ रही गांवों पर भारी
◾ लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की उठाई मांग
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
ग्राम पंचायतों की बैठको में अधिकारियों की गैरमौजूदगी से ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव ने गहरी नाराजगी जताई है। अधिकारियों पर गांवों की उपेक्षा का आरोप लगाया है सवाल उठाया है की गांवों की समस्याओं का समाधान न हो पाना तथा लोगों को विकास योजनाओं की जानकारी न होना पंचायतों से सीधा खिलवाड़ है।
बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में इन दिनों ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों का आयोजन हो रहा है। नियमानुसार ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को बैठकों में प्रतिभाग करना होता है ताकि पंचायतों में उठने वाली समस्याओं का समाधान हो सके तथा समय समय पर चलाई जाने वाली जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी गांवो के बासिदों को मिल सके पर ग्राम पंचायतों की बैठकों में अधिकारियों व कर्मचारी मौजूद रहने की जहमत नहीं उठा रहे। ग्राम प्रधान संगठन के प्रदेश सचिव शेखर दानी ने अधिकारियों के रवैए पर रोष जताया है। आरोप लगाया की समय पर सूचना दिए जाने के बावजूद विभागों के अधिकारी कर्मचारी पंचायतों की उपेक्षा पर आमादा है। बैठकों में समस्याएं तो उठ रही है पर समाधान नहीं हो रहा जिससे गांव का मुखिया कटघरे में खड़ा हो जा रहा है। बावजूद अधिकारी कर्मचारी बैठकों की अनदेखी पर आमादा है और खामियाजा गांवो के बासिदों को भुगतान पड़ रहा है। गांव के लोगों को विकास योजनाओं की जानकारी तक नहीं मिल रही है। जिम्मेदार अफसर भी महज बैठकों का रोस्टर जारी कर इतिश्री कर रहे हैं। प्रदेश सचिव शेखर दानी के अनुसार पंचायतो की महत्वपूर्ण बैठकों को महज मजाक बना दिया गया है। प्रदेश सचिव ने बैठकों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। चेतावनी दी है कि यदि यही हालात रहे तो फिर पंचायत प्रतिनिधियों को साथ लेकर जिला मुख्यालय में धरना शुरू किया जाएगा।
