🔳 बजट खर्च का बिल हो गया तैयार, धरातल पर आज तक नहीं हुआ कार्य
🔳 दस हजार रुपये का बिल उपलब्ध पर धरातल से जैविक गड्डा गायब
🔳 घास लगाने को 25 हजार खर्च का बिल पर नहीं दिखी हरियाली
🔳 नौनिहालों के आईकार्ड को हो चुका भुगतान पर नहीं मिले आईकार्ड
🔳 मामले के तूल पकड़ने पर शिक्षा विभाग ने शुरु की जांच
[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज धनियाकोट में वित्तीय अनियमताओं के मामले सामने आने से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। पौष्टिक आहार के नाम नौनिहालों को 91 किग्रा चीनी की खीर खिलाया जाना हजम नहीं हो पा रहा। वहीं कई अन्य कार्यों के बिल उपलब्ध होने के बावजूद धरातल पर कार्य दिखाई नहीं देने से तमाम गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले के तूल पकड़ने के बाद आनन फानन में विभाग ने मामले की जांच शुरु कर दी है। उपशिक्षा अधिकारी राशी बुधलाकोटी के अनुसार मामले की जांच गतिमान है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
गांवों के विद्यालयों में बेहतर व्यवस्था व नौनिहालों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने को केंद्र व राज्य सरकार विभिन्न योजनाएं चलाकर भारी भरकम बजट विद्यालयों को उपलब्ध करा रही है पर विद्यालय में बजट अनियमितता की भेंट चढ़ जा रहा है। ऐसी ही कुछ हकीकत बयां कर रहा है बेतालघाट ब्लॉक के धनियाकोट गांव में स्थित पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज धनियाकोट। पीएम श्री योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार से विद्यालय प्रबंधन को अलग अलग कार्यों के लिए भारी भरकम बजट उपलब्ध कराया गया पर डेढ़ वर्ष का लंबा समय बीतने व कार्यों के बिल उपलब्ध होने के बावजूद विद्यालय परिसर में कार्य कहीं दिखाई ही नहीं दे रहे। नौनिहालों के आई कार्ड तक अब तक नहीं बन सके जबकी विद्यालय परिसर में जैविक गड्डे बनाए जाने को दस हजार रुपये खर्च होने व बिल उपलब्ध होने के बावजूद गड्ढा कहीं दिखाई ही नहीं दे रहा जबकी घास लगाए जाने को खर्च किए गए पच्चीस हजार रुपये का बिल लगा होने के बाद भी घास का अता पता नहीं है। वहीं नौनिहालों के लिए बनाई गई खीर में करीब 91 किग्रा चीनी की खपत भी सवालों के घेरे में है। वहीं पूर्व में विद्यालय में हुई आगजनी की घटना में विद्यालय का जलकर नष्ट सामग्री के बिल भी उपलब्ध होने के बावजूद कई सामग्री विद्यालय में नहीं पहुंच सकी है। मामले के तूल पकड़ने के बाद कुछ दिन पूर्व ही उपशिक्षा अधिकारी राशी बुधलाकोटी ने विभागीय अधिकारियों के साथ विद्यालय पहुंचकर मामले की जांच भी शुरु कर दी है वहीं अनियमितता का मामले से पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार भी गरमा गया है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य हरीश राम कालाकोटी के अनुसार चार्ज संभालने के बाद अनियमितता मिली। बिल तो उपलब्ध कराए गए पर कार्य नहीं दिखे। पूर्व प्रधानाचार्य को बार बार पत्र भी दिया पर समुचित जवाब न मिलने पर उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी दी गई है।उपशिक्षा अधिकारी राशी बुधलाकोटी ने बताया की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उच्चाधिकारियों से दिशा निर्देश मिलने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बिल बनाने वालों की भूमिका भी संदिग्ध
पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज धनियाकोट में पीएश्री योजना के तहत मिले बजट में बगैर कार्य के लगाए गए बिल भी सवालों के घेरे में है। रह रह कर सवाल उठ रहे हैं की धरातल पर कार्य न होने, कई सामग्री डेढ़ वर्ष के लंबे अंतराल के बावजूद विद्यालय में न पहुंचने से आखिर कैसे सरकारी कार्यों के बिल तैयार कर लिए गए। कई लोगों ने मामले को लेकर गहरा रोष जताया है। बगैर कार्यों को धरातल में उतारे बिल तैयार कर की गई हेरफेर का खुलासा किए जाने की मांग उठाई है वहीं बिल तैयार करने वालों पर भी कानूनी शिकंजा कसने व कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया है।
