◾दोपहर से फंसे गौवंशीय पशु को बचाने की नहीं ली गई सुध
◾जिंदगी बचाने को नदी में भाग रहा बेजुबान
◾ स्थानीय लोग आए आगे पर बचाव के साधन न मिल पाने से हुए मायूस
◾ राहत व बचाव कार्य के दावों की भी खुल गई पोल
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
आपदा में राहत व बचाव के दावे तो खूब किए जाते हैं पर दावों की पोल तब खुल गई जब खैरना क्षेत्र में एक गौवंशीय कोसी नदी के बीचोबीच फंस गया। स्थानीय लोगों ने बेजुबान की जिंदगी बचाने को जिम्मेदारो से संपर्क साध मामले की सूचना भी दी बावजूद जिम्मेदार टस से मस न हो सके। इधर जिंदगी बचाने को बेजुबान गोवंशीय कोसी नदी में इधर उधर भागता रहा।
बुधवार को खैरना क्षेत्र के पीछे बहने वाली कोसी नदी में दोपहर के वक्त पहुंचा एक गोवंशीय पशु नदी के एकाएक उफान में आने से नदी के बीचोबीच फंस गया। स्थानीय लोग गौवंशीय पशु को बचाने को नदी तक पहुंचे पर आवश्यक साधन न होने से रेस्क्यू अभियान शुरु नहीं कर सके। सूचना राजस्व उपनिरीक्षक के साथ ही एसडीआरएफ छड़ा इकाई को भी भेजी गई। राजस्व उपनिरीक्षक विजय नेगी मौके पर पहुंच गए। उम्मीद थी की बेजुबान की जिंदगी बचाने को एसडीआरएफ की टीम भी आवश्यक उपकरण लेकर मौके पर पहुंचेगी पर काफी इंतजार के बाद भी टीम नहीं पहुंच सकी। बेजुबान गोवंशीय पशु भी लगातार नदी के बढ़ते उफान से बचने को इधर उधर भागता दिखा। जिम्मदारो की लापरवाही पर स्थानीय व्यापारियों ने गहरी नाराजगी जताई है। व्यापारी नेता वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा की समय से सूचना देने के बावजूद अनदेखी की गई जो निंदनीय है।
