🔳 सरस्वती शिशु मंदिर में हुई विशेष पूजा अर्चना
🔳 विद्यालय में नवीन सत्र का भी किया गया श्रीगणेश
🔳 कोसी घाटी के मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब
🔳 भजन कीर्तनों के बाद किया गया प्रसाद वितरण
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

बसंत पंचमी का पर्व पर्वतीय क्षेत्रों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मंदिरों में पूजा अर्चना करने वाले श्रद्धालुओं की कतार लगा रही। सरस्वती शिशु मंदिर गरमपानी में विधी विधान के साथ मां सरस्वती की पूजा अर्चना कर नवीन सत्र का श्रीगणेश किया गया। क्षेत्र की सुख, शांति व समृद्धि को प्रार्थना भी की गई।
शुक्रवार को बसंत पंचमी पर मंदिरों में भजन कीर्तनों से माहौल भक्तिमय हो उठा। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही। बसंत ऋतु के आगमन पर सुख, शांति व समृद्धि को प्रार्थना की गई। सरस्वती शिशु मंदिर में धर्माचार्यों ने विधी विधान से पूजन अर्चना कर नवीन सत्र का श्रीगणेश किया गया। प्रधानाचार्य मनोहर ने विद्यार्थियों को बसंत पंचमी पर्व के विषय पर विस्तार से जानकारी दी। बसंत पंचमी को ज्ञान, संस्कार व नवीन आरंभ का प्रतीक बताया। विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। पूजा अर्चना के बाद प्रसाद वितरण भी किया गया। बसंत पंचमी पर मानवी बिष्ट, लितिका, लक्ष्य नेगी, हर्षिता बोहरा, वेदांत पाठक, ईशान बिष्ट का प्रवेश करवाया गया। इस दौरान आचार्य डिकर कुमार, महिपाल सिंह, गजराज सिंह, प्रेम कुमार, राधा त्रिपाठी, मंजू ढौंडियाल, हंसा जोशी, संगीता साह, गीता पाठक, गीता बिष्ट, लता बिष्ट, भावना पांडे, कविता अधिकारी आदि मौजूद रहे।