🔳 अलग अलग गांवों में 0.90 हेक्टेयर क्षेत्रफल में शुरु हुआ उत्पादन
🔳 पहले चरण में 75 कुंतल से शुरु हुआ उत्पादन
🔳 मिशन कीवी के तहत सरकार भी किसानों को कर रही लाभान्वित
🔳 जंगली जानवरों व बंदरों से सुरक्षित रहने पर किसानों की पसंद बन रही कीवी की खेती
[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]

फल व सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में विख्यात कोसी घाटी के किसान अब कीवी उत्पादन के क्षेत्र में भी विशेष पहचान बनाने लगी है। बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों में किसान तेजी से कीवी उत्पादन से जुड़ने लगे हैं। वर्तमान में अलग-अलग गांवों में करीब 0.90 हेक्टेयर क्षेत्रफल में लगभग 75 कुंतल कीवी फल का उत्पादन होने लगा है। उद्यान विभाग के अधिकारियों के अनुसार कोसी घाटी के किसानों को कीवी उत्पादन से जोड़कर आर्थिकी मजबूत की जा रही है।
कोसी घाटी के गांवों में सब्जी व फलों की बंपर पैदावार होती है पर जंगली जानवरों व बंदरों के बढ़ते आंतक से खेती का रकबा लगातार घटने लगा है। खेतीबाड़ी में नुकसान से किसानों की आर्थिक स्थिति भी बिगड़ते जा रही है। लगातार बिगड़ रहे हालातों के बीच अब कीवी की पैदावार कोसी घाटी के किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। बेतालघाट ब्लॉक के तमाम गांवों के किसान तेजी से किवी की खेती से जुड़ने लगे हैं। वर्तमान में 0.90 हेक्टेयर क्षेत्रफल में किसान कीवी उत्पादन से जुड़ चुके हैं। डोबा, बिनाकोट, चडयूला, सिल्टोना समेत तमाम गांवों के किसान कीवी की खेती से जुड़ चुके हैं। उद्यान केन्द्र गरमपानी प्रभारी अजय जोशी के अनुसार करीब 75 कुंतल उत्पादन शुरु हो चुका है। कीवी मिशन के तहत किसान अपनी सरकार पोर्टल के माध्यम से किसी भी सीएससी सेंटर से आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत सत्तर फिसदी सहायता सरकार से मिलेगी जबकि तीस फिसद अंश किसानों को जमा करना होगा। डोडा गांव के कीवी उत्पादक व ग्राम प्रधान हरेंद्र सिंह ने बताया की कीवी को जंगली जानवरों व बंदर नुकसान नहीं पहुंचाते जिससे बेहतर उत्पादन हो रहा है। ग्राम प्रधान ने उद्यान विभाग से समय समय पर बगीचों के निरीक्षण किए जाने पर भी जोर दिया है।

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