◾बेतालघाट में हुई बैठक में कांग्रेसी नेताओं ने उठाई मांग
◾ प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन
◾ मनमाने ढंग से लोगों को नोटिस भेजे जाने पर जताई नाराजगी
◾व्यापारियों व क्षेत्रवासियों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त न किए जाने का ऐलान
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))

अतिक्रमण मामले पर कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज तमाम बिंदुओं पर ध्यान खींचा है। सरकार से अध्यादेश लाकर गांवों के बाशिंदों व व्यापारियों को राहत दिलाए जाने की मांग उठाई है। वर्षो से रह रहे लोगों की जमीनों का नियमितिकरण कर लाभान्वित करने का पुरजोर मुद्दा उठाया है। साफ कहा की यदि अतिक्रमण के नाम पर मकानों व दुकानों को तोडा़ गया तो पहाड़ में बेरोज़गारी व पलायन की मार पड़ना लाजमी है।
शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल के नेतृत्व में बेतालघाट में हुई बैठक में अतिक्रमण का मुद्दा जोर शोर से उठा। वक्ताओं ने कहा की अतिक्रमण के नाम पर व्यापारियों व क्षेत्रवासियों को मनमाने ढंग से नोटिस भेजे गए हैं जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है‌। आमजन खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। ब्लाक अध्यक्ष शेखर दानी ने कहा की पूर्व में सात मीटर चौड़ाई में मोटर मार्गो का निर्माण किया गया। तब भी तमाम लोगों को सड़क निर्माण की जद में आई जमीन का मुआवजा नहीं मिल सका। अब 12 मीटर चौड़ाई में लोगों को नोटिस भेजे गए हैं जो निंदनीय है। पूर्व जिलाध्यक्ष सतीश नैनवाल ने कहा की कांग्रेस पार्टी व्यापारियों व क्षेत्रवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी। चालीसा – पचास वर्षों से रह रहे लोगों को बेघर करना ठीक नहीं है। कहा की सरकार को मलिन बस्तियों के नियमितीकरण के तरह गांव के लोगों के हित में अध्यादेश लाकर जमीनों के नियमितीकरण का कार्य करना चाहिए ताकि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक के हित की सुरक्षा हो सके। वक्ताओं ने आरोप लगाया की कई जगह लोनिवि ने स्वीकृत नक्से से इतर भी निर्माण किया है जिससे जांच की जानी चाहिए। प्रदेश के मुख्यमंत्री को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन भी भेजा गया। इस दौरान पूर्व विधायक संजीव आर्या, पूर्व दर्जा मंत्री पीसी गोरखा, पूर्व प्रधान खुशहाल सिंह हाल्सी, बालम सिंह बोहरा, इंदर सिंह बोहरा, भरत आर्या, कुलवंत सिंह जलाल, नवीन चंद्र कश्मीरा, खीम सिंह, शंभू नाथ भंडारी, भूपेंद्र भंडारी, रमेश पंत, जसौद सिंह बोहरा, राम कृष्ण आगरी, हीरा नाथ, शेखर चंद्र आदि मौजूद रहे।

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