🔳 परिणाम जारी होने के बाद से अधिकांश सदस्य गायब
🔳 नवनिर्वाचित सदस्यों के गांवों से गायब होने पर चर्चाओं का बाजार गरम
🔳 खुलकर बोलने से कतरा रहे सदस्यों के स्वजन
🔳 ब्लॉक प्रमुख चुनाव में होता है बीडीसी का अहम रोल
🔳 बेतालघाट ब्लॉक में 33 है क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या
[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव भले ही शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए हैं पर अब कई नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्यों के नाटकिय अंदाज में गांवों से गायब होने से हड़कंप मच गया है। नवनिर्वाचित सदस्यों के स्वजन भी खुलकर बोलने से कतरा रहे हैं। सदस्यों के गांवों में न होने के मामले को प्रस्तावित ब्लॉक प्रमुख के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है‌। ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में बीडीसी सदस्य ही मतदान करते हैं‌। अकेले बेतालघाट ब्लॉक में ही 33 क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं।
बेतालघाट स्थित अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज बेतालघाट में बीते गुरुवार को हुई मतगणना के बाद से ही कई ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित क्षेत्र पंचायत सदस्य गायब है। नवनिर्वाचित सदस्यों के मतगणना के बाद से ही गायब हो जाने से तमाम गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं वहीं निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया भी सवालों के घेरे में आ गई है। बीडीसी सदस्यों के एकाएक क्षेत्र से गायब होने से चर्चाओं का बाजार भी गरमा गया है। बीडीसी सदस्यों के गायब होने की घटना को ब्लॉक प्रमुख चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है की बीडीसी सदस्यों को अपने पाले में बनाए रखने को प्रमुख पद के दावेदारों ने बेहतर सुविधाओं के साथ नव-निर्वाचित बीडीसी सदस्यों को भी गुप्त स्थानों पर पहुंचा दिया है बकायदा लगातार निगरानी भी रखी जा रही है ताकी ठिक मतदान के समय बीडीसी सदस्यों को ब्लॉक मुख्यालय तक लाया जा सके। नवनिर्वाचित सदस्यों के एकाएक लापता होने से कई गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं निष्पक्ष चुनाव प्रणाली के दावे भी सवालों के घेरे में आ गए हैं। चर्चाओं पर गौर करें तो लोग ब्लॉक प्रमुख के चुनाव को धनबल का चुनाव कहने से भी नहीं चूक रहे। श्री कैंची धाम तहसील की उपजिलाधिकारी मोनिका के अनुसार निगरानी रखी जाएगी यदि नियम विरुद्ध कोई कार्य किया गया तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल अभी कहीं से गुमशुदगी की कोई तहरीर नहीं मिली है।