= प्रतिमाह मानदेय उपलब्ध कराए जाने की उठाई मांग
= सीमांकन कराए जाने की भी उठाई आवाज
(((पंकज नेगी/मदन सिंह/कमल बधानी की रिपोर्ट)))
वन पंचायत सरपंचो ने मानदेय उपलब्ध कराने तथा सीमांकन से छूटी वन पंचायतो का सीमांकन कराए जाने की मांग उठाई है। दो टूक कहा है की यदि मानदेय उपलब्ध नही कराया जाता तो सरपंच पद को ही निरस्त किए जाने के आदेश किए जाए। सरपंचो ने सरकार से मांग पूरी किए जाने को शासनादेश जारी करने की मांग की है। मामले को लेकर प्रदेश के सीएम को पत्र भी भेज दिया गया है।
रामगढ़ ब्लाक के वन पंचायत सरपंच मांगो को लेकर मुखर हो गए है। प्रदेश के सीएम पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेज सरपंचो को प्रतिमाह मानदेय उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। बताया है की सरपंच वन पंचायतो की सुरक्षा तथा विकास को गंभीरता से कार्य करते है। जंगलो में आग की घटनाएं होने पर अपनी जान जोखिम में डाल आग बुझाने का कार्य किया जाता है बावजूद सरपंचो को मानदेय तक उपलब्ध नही कराया जाता जिस कारण तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई वन पंचायतों का सीमाकंन भी नही हुआ है। वन पंचायत सरपंच सूण कमल सुनाल, सरपंच प्यूडा़ भीम बिष्ट, सरपंच बिरखन कुबेर सिंह, चोपडा़ दीवान सिंह, मनोज भंडारी,खीमानंद गुणवंत आदि ने सीएम पुष्कर सिंह धामी से मांग पूरी किए जाने की मांग उठाई है।
