= पाडली की पहाड़ी में धधकी आग से हाईवे पर गिरते रहे पत्थर
= चार घंटे ठप रहा हाईवे पर यातायात
= 4 घंटे बाद खतरे के बीच सुचारू हुई आवाजाही
(((हरीश चंद्र/विजय रौतेला/पंकज भट्ट/दलिप नेगी की रिपोर्ट)))
अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे से सटे जंगलों में आग अब कहर बरपाने लगी है। पाडली की की पहाड़ी के आग की चपेट में आने से लगातार हाईवे पर पत्थरों की बरसात शुरू हो गई। लगातार पत्थर गिरने से हाईवे पर आवाजाही ठप हो गई। छोटे-बड़े वाहन जहां तहां फंस गए। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब चार घंटे बाद बमुश्किल आवाजाही सुचारू हुई खतरे के बीच लोग सफर करने को मजबूर हो गए।
हाईवे पर लोहाली की पहाड़ी में आग धधकने से खतरा पैदा होने के बाद रविवार सुबह दस बजे के आसपास पहाड़ी को भी आग ने अपने आगोश में ले लिया। धीरे-धीरे उठी आग की लपटें विकराल होती चली गई। कई छोटे-बड़े पेड़ पौधो के के साथ ही वनसंपदा भी जलकर खाक हो गई। वहीं जंगली जानवरों को भी नुकसान होने की आशंका है। आग लगने से पहाडी़ से पत्थर हाईवे पर गिरने शुरु हो गए। देखते ही देखते हाईवे पर दोनों और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। चार घंटे बाद आग के कुछ कम होने के बाद पत्थर गिनने का क्रम थमा हालांकि छोटे छोटे पत्थर गिरते रहे। आवाजाही कर रहे यात्रियों ने जान जोखिम में डाल सफर शुरू किया। दिनभर पत्थरों की बरसात होती रही।
आग की चपेट में आने से बचा वनकर्मी
जंगलों में लगी आग पर काबू करने को वन विभाग हाथ पैर मार रहा है पर आग की बड़ी-बड़ी लपटे वन कर्मियों को पीछे धकेल दे रही हैं। रविवार को पाडली के जंगल में वन कर्मियों की टीम आग बुझाने पहुंची कि तभी आग की लपटों के बीच एक वन कर्मी घिर गया बमुश्किल उसे बचाया जा सका। बड़ा हादसा टल गया। आग की लपटों को काबू करने में वन विभाग को काफी मशक्कत करनी पड़ी देर शाम तक अभियान जारी रहा।
