🔳 रामगढ़ व बेतालघाट ब्लॉक के गांवों में वन विभाग ने लगाया शिविर
🔳 ग्रामीणों व स्कूली बच्चों से की कई अहम जानकारियां साझा
🔳 जंगलों में आग लगाने वालों की सूचना देने का किया आह्वान
🔳 गुलदार व जंगली जानवरों से बचाव को अलर्ट रहने की अपील

[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]

रामगढ़ ब्लॉक के खैरदा व बेतालघाट ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज खैरना तथा छड़ा गांव में वनाग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत हुई कार्यशाला में क्षेत्रवासियों को जंगलों को आग से बचाने मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने को विशेष कदम उठाने की जानकारी दी। अभिभावकों से बच्चों को निगरानी में विद्यालय भेजने तथा घरों के आसपास झाड़ियों को काटने व वन संपदा को बचाने के लिए जंगलों में आग लगाने वालों की सूचना वन विभाग को देने का आह्वान किया।

खैरदा गांव में हुई गोष्ठी का शुभारंभ वन क्षेत्राधिकारी विजय चंद्र भट्ट ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। वनाग्नि सुरक्षा सप्ताह के तहत हुए कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों को जागरुक किया गया। वन क्षेत्राधिकारी ने कहा कि वनों की आग पर नियंत्रण पाने में स्थानीय ग्रामीणों का महत्वपूर्ण योगदान है। वनों की आग तथा मानव वन्यजीव संघर्ष एक दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए बच्चों को निगरानी में ही विद्यालय भेजने की अपील की।घरों के आसपास की झाड़ियों काटने, घरों के आसपास समुचित रोशनी बनाए रखने, महिलाओं को चारापत्ती लेने हेतु अकेले जंगल जाने से मना करने तथा पालतू पशुओं को सुरक्षित बाड़ों में ही रखने, बच्चे तथा वृद्धजनों को घर के आसपास अकेला न छोड़ने व सूर्योदय व सूर्यास्त के समय घरों के आसपास सतर्क रहने व वनों में आग न लगाने व न ही अन्य किसी को लगाने देने का आह्वान किया। बताया की वनों में लगने वाली आग से न केवल बहुमूल्य वन सम्पदा जलकर नष्ट हो जाती है, बल्कि जंगली जानवर भी आबादी की ओर रुख करने लगते हैं। इस दौरान वन दरोगा बृजेश विश्वकर्मा, विपिन बिष्ट, धर्मानन्द शर्मा, मनोज कैड़ा आदि मौजूद रहे। इधर भवाली वन रेंज की वन दरोगा मनीषा भंडारी ने मय टीम छड़ा गांव व जीआइसी खैरना में जागरुकता अभियान के तहत विद्यार्थियों व ग्रामीणों को जागरुक किया। यहां ग्राम प्रधान प्रतिनिधि बालम पिनारी, नंदी पांडे, सोनू बिष्ट, प्रेम सिंह मेहरा, गोपाल नेगी, विजय बिष्ट, संजय सिंह, दिनेश, सुरेश, हीरा सिंह, खुशाल सिंह, दीवान सिंह तथा एसडीआरएफ छड़ा इकाई के जवान जुटे रहे।