= जेएनवी की रीजनल अनुशासन समिति का फैसला
= कुछ दिनों के लिए विद्यालय से किया गया सस्पेंड
= कुछ और विद्यार्थियों पर फैसला होना बाकी
= जेएनवी में अनुशासन सिखाने के नाम पर जूनियर्स से कार्य कराए जाने का मामला
(((ब्यूरो चीफ विरेन्द्र बिष्ट/फिरोज अहमद/सुनील मेहरा/भीम बिष्ट की रिपोर्ट)))
जवाहर नवोदय विद्यालय गंगरकोट (सुयालबाडी़) में सीनियर विद्यार्थियों के जूनियर विद्यार्थियों से अनुशासन सिखाने पर कार्य कराए जाने के मामले पर उठे बवंडर से दसवीं तथा 12वीं कक्षा के पांच विद्यार्थियों पर गाज गिरी है। फिलहाल पांचों विद्यार्थियों को घर भेज दिया गया है। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने इसकी पुष्टि की है। अभी कुछ और विद्यार्थियों पर फैसला लिया जाना शेष है। लखनऊ रीजन की अनुशासन समिति से निर्णय आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।
जवाहर नवोदय विद्यालय गंगरकोट (सुयालबाड़ी) में जूनियर छात्रों को अनुशासन सिखाने के नाम पर रैकिंग का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया था। आरोप थे कि सीनियर छात्र जूनियर्स को अनुशासन सिखाने के नाम पर रैकिंग कर रहे हैं। मैस से खाना मंगवाने के साथ ही तमाम अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद आनन-फानन में मामले में जांच बैठा दी गई। लखनऊ संभाग के असिस्टेंट कमिश्नर पीआर प्रसाद राव भी बीते 17 मार्च को विद्यालय पहुंचे। अभिभावकों को भी विद्यालय बुलाया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य, असिस्टेंट कमिश्नर तथा उप प्रधानाचार्य की टीम ने अभिभावकों के सामने करीब चालीस से ज्यादा विद्यार्थी की काउंसलिंग की। बाद में आरोपों से घिरे 40 में से करीब 12 विद्यार्थियों के नाम सामने आए। रिपोर्ट लेकर असिस्टेंट कमिश्नर लखनऊ रवाना हो गए। फैसला लखनऊ संभाग की अनुशासन समिति पर छोड़ दिया गया। लखनऊ संभाग की अनुशासन समिति ने दसवीं तथा बारहवीं कक्षा के पांच छात्रों पर कार्रवाई कर दी है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार सभी पांचों छात्रों को घर भेज दिया गया है। दो छात्र अभिभावकों के साथ ही विद्यालय पहुंचकर परीक्षा में हिस्सा लेंगे तथा अभिभावकों के साथ ही वापस घर को जाएंगे जबकि तीन का निलंबन किया गया है। विद्यालय प्रधानाचार्य राज सिंह के अनुसार अभी कुछ और विद्यार्थियों पर फैसला होना है। फैसला लखनऊ संभाग की अनुशासन समिति ही करेगी।
