🔳 किसानों ने खेती बचाने को ठोस उपाय किए जाने की उठाई मांग
🔳 संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप बताई समस्या
🔳 समय रहते सुध न लेने पर खेतों के बंजर होने का जताया अंदेशा
🔳 गांवों को छोड़कर रोजगार के लिए शहर जाना बनेगी मजबूरी
[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]
जंगली जानवरों से लगातार चौपट होती खेती से परेशान किसानों ने संयुक्त मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर खेती बचाने को ठोस उपाय किए जाने की मांग उठाई। अंदेशा जताया की समय रहते खेती बचाने को ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में गांवों में खेत बंजर हो जाएंगे। किसानों को आजिविका के लिए शहरों को रुख करने को मजबूर होना पड़ेगा।
बेतालघाट व ताड़ीखेत ब्लॉक की सीमा पर स्थित टूनाकोट व आसपास के गांवों के किसानों ने समाजसेवी सुनील मेहरा की अगुवाई में संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात को ज्ञापन सौंप जंगली सूअरों से खेती बचाने की गुहार लगाई। ज्ञापन के माध्यम से बताया की जंगली सूअरों का झुंड खेतों में पहुंचकर उपज को बर्बाद कर दे रहे हैं। खेतों में हाड़तोड़ मेहनत करनी के बाद उपज के तहस नहस होने से काफि नुकसान उठाना पड़ रहा है। उपज के तहस नहस होने से आर्थिक स्थिति भी बिगड़ने लगी है। बैंकों का ऋण बढ़ता जा रहा है। बताया की कई बार खेतों में तारबाड़ किए जाने की मांग उठाई जा चुकी हो पर सुध नहीं ली जा रही। नुकसान कम होने का नाम नहीं ले रहा। दिन ढलने के साथ ही जंगली सूअरों का झुंड खेतों में तांडव मचा दे रहे हैं। सुंदर सिंह, देवेंद्र सिंह, नारायण सिंह, धन सिंह, भगत सिंह, नंदन, प्रियांशु, रमेश, गोपाल सिंह, आंनद जीना आदि किसानों ने भी खेती बचाने की पुरजोर मांग उठाई।
