◾रामगाढ़, दोपांखी, सूपी तथा गेठिया में अस्तित्व में आनी है नई पुल
◾वन विभाग की आपत्तियां के बाद शुरु नहीं हो सका कार्य
◾ पुराने पुल खस्ताहाल, व्यापारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
((( टीम तीखी नजर की रिपोर्ट)))
0हल्द्वानी हाईवे पर जर्जर हालत में पहुंच चुकी पुलों के निर्माण की जगह नए पुल निर्माण को बजट स्वीकृत हो जाने के बावजूद कार्य शुरू न होने पर प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने गहरी नाराजगी जताई है आरोप लगाया है कि पुले बद से बदतर हालत में पहुंच चुकी है बावजूद सुध नहीं ली जा रही जिससे कभी भी बड़ा घटना सामने आ सकती है। व्यापारी नेताओं ने तत्काल पुल का निर्माण शुरू का निर्माण शुरू किए जाने की मांग उठाई है।
दरअसल हाईवे पर कुछ महीने पहले रामगाढ़, दोपांखी, सूपी तथा गेठिया क्षेत्र में चार नए पुलों के निर्माण के लिए सड़क व भूतल मंत्रालय नई दिल्ली से स्वीकृति मिली। दो महीने पहले प्रारंभिक स्तर पर ड्रिलिंग मशीन से मजबूत चट्टानों की तलाश के बाद बुनियाद पर निर्माण का कार्य शुरू ही हो सका था कि एन वक्त पर वन विभाग ने निर्माण स्थल वन भूमि के जद में आने का हवाला दे निर्माण कार्यों पर आपत्ति लगा दी। आपत्ति लगने पर एनएच विभाग ने कार्य को रोक दिया पर तब से अब तक कार्य ठप पड़ा है। रामगाढ़ व दोपांखी क्षेत्र में पुराने सेतूओं की हालत खस्ताहाल हो चुकी है। हादसे का खतरा बढ़ता ही जा रहा है बावजूद कोई सुध लेवा नहीं है। पर्यटक सीजन बढ़ने के साथ ही हाइवे पर वाहनों का दबाव भी बढ़ गया है रश्द व निर्माण सामग्री से लदे भारी वाहन भी इन्हीं पुलों से आवाजाही करते हैं। बजट स्वीकृत होने के बावजूद कार्य शुरू न होने पर प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह बिष्ट, मनीष तिवारी, दीवान सिंह, कुलदीप खनायत, सुनील मेहरा, हरीश चंद्र, पंकज नेगी, पंकज भट्ट, फिरोज अहमद, कुबेर जीना, मनोज नैनवाल, देवेश कांडपाल आदि लोगों ने गहरी नाराजगी जताई है। चेतावनी दी है की समय रहते नए पुलों का निर्माण शुरू नहीं किया गया तो फिर व्यापारी एकजुट होकर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे।
