🔳 जब नहीं ली जिम्मेदारों ने सुध तो खुद ही बढ़ा लिए कदम
🔳 शिप्रा नदी पर बनी पुलिया की मरम्मत का उठाया बीड़ा
🔳 सप्ताह भर की कड़ी मशक्कत के बाद टाल दिया खतरा
🔳 दर्जनों गांवों के स्कूली बच्चे व ग्रामीण पुलिया की मदद से करते हैं शिप्रा नदी को पार
[[[[[[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]]]]
बेतालघाट ब्लॉक के दर्जनों गांवों की आवाजाही को शिप्रा नदी में बनी वर्षों पुरानी खस्ताहाल पुलिया को स्थानीय व्यापारी ने खुद के हौसले से मरम्मत कर नया रुप दे दिया। पुलिया की हालत में सुधार हो जाने से अब गांव के लोग व स्कूली बच्चे सुरक्षित आवाजाही कर सकेंगे। पुलिया कई वर्षों से बदहाल स्थिति में होने से आवाजाही खतरनाक हो चुकी थी।
जिम्मेदारों की अनदेखी से परेशान अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर रामगाढ़ क्षेत्र से बारगल, कफूल्टा, गरजोली, सिल्टोना, जजूला, सीम समेत तमाम गांवों की आवाजाही को ग्रामीण वर्षों पूर्व शिप्रा नदी पर बनी पुलिया से आवाजाही करते हैं। वर्षों पूर्व बनी पुलिया देखरेख के अभाव में खस्ताहाल होती चली गई। स्कूली बच्चे, किसान व गांव के लोग जान हथेली पर रख पुलिस से आवाजाही कर नदी को पार करते। स्थानीय लोगों ने कई बार पुलिया की हालत में सुधार किए जाने की मांग भी उठाई पर हमेशा आश्वासन ही मिले पर पुलिया की मरम्मत नहीं हो सकी। लगातार खतरे को बढ़ता देख स्थानीय रघुराज सिंह बर्गली ने पुलिया की मरम्मत का बीड़ा उठाकर तंत्र को आइना दिखा दिखा। सप्ताहभर की कड़ी मशक्कत के बाद रघुराज ने पुलिया के दोनों और मजबूत रैलिग लगाने के साथ ही रैंप पर भी सुरक्षात्मक कार्य करवा नायाब पहल की है। सुगम आवाजाही को बकायदा परिवार के सदस्यों के साथ आसपास सफाई अभियान चलाकर बड़ी बड़ी झाड़ियों को काटकर निस्तारण भी किया। पुलिया से खतरा टल जाने से अब आवाजाही सुरक्षित हो चुकी है। स्थानीय गोधन सिंह बर्गली, मनीष तिवारी, कमल तिवारी, भास्कर , कमलेश उप्रेती, फिरोज अहमद, मनोज, त्रिलोक बुधलाकोटी ने स्थानीय व्यापारी रघुराज के किए गए कार्यों की सराहना की है।
