🔳 होटल, ढाबा व रेस्टोरेंटों संचालकों की बढ़ने लगी चिंता
🔳 व्यवसायिक सिलिंडर उपलब्ध न होने से परेशानी हुई दोगुनी
🔳 दुकानें बंद करना बन सकता है आखरी विकल्प
🔳 दुकानों पर निर्भर है व्यापारियों का पूरा परिवार
🔳 कोरोनाकाल के नुकसान की आज तक नहीं हो सकी भरपाई अब सामने नया संकट
[[[[[[[ टीम तीखी नजर की रिपोर्ट ]]]]]]]]]

व्यवसायिक सिलिंडर उपलब्ध न होने से अल्मोड़ा हल्द्वानी हाईवे पर होटल ढाबे व रैस्टोरेट संचालकों की चिंता बढ़ गई है। व्यवसाय से परिवार का पालन पोषण करने वाले व्यापारी दुकानें बंद करने की बात सोचकर भी सहम जा रहे हैं। व्यापारियों को अघोषित लाॅकडानन जैसे हालात पैदा होने का अंदेशा है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल से जुड़े व्यापारियों ने शासन प्रशासन से समस्या का सामाधान कर हालातों को बिगड़ने से रोकने की मांग उठाई है।
अमेरिका इजरायल व इरान युद्ध से गैस संकट बढ़ने के अंदेशे से व्यावसायिक सिलिंडरों की बिक्री रुकने से व्यापारी वर्ग सख्ते में आ गया है। हाईवे पर स्थित होटल, ढाबा व रेस्टोरेंटों संचालकों के पास भी अब सिलिंडर खत्म होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। व्यवसायिक सिलिंडर उपलब्ध न होने से दुकानों को बंद करना ही एकमात्र विकल्प शेष बचा है। हाईवे पर होटल, रेस्टोरेंट व ढाबा संचालन करने वाले व्यवसायियों का परिवार भी दुकानों पर ही निर्भर है। ऐसे में आर्थिक स्थिति बिगड़ने की चिंता भी व्यापारियों को सताने लगी है। कोरोना काल में लंबे समय तक दुकानों के बंद पड़े रहने से आज तक भी व्यापारी वर्ग नुकसान से उभर नहीं पाया है और अब एक और संकट सामने आकर खड़ा हो गया है। प्रांतीय नगर उद्योग व्यापार मंडल नैनीपुल के अध्यक्ष विपिन गुरुरानी, महामंत्री कुबेर सिंह जीना के अनुसार व्यवसायिक सिलिंडर नहीं मिले तो दुकानों को मजबूरन बंद करना पड़ेगा। उन्होंने अघोषित लाॅकडाउन जैसी सामने आने का अंदेशा जता व्यापारी वर्ग के लिए चिंता की स्थिति करार दी है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष विरेन्द्र सिंह बिष्ट, गरमपानी ईकाई के अध्यक्ष मनीष तिवारी, खैरना अध्यक्ष गजेंद्र नेगी, पातली अध्यक्ष आनंद सिंह, सुनील मेहरा, कुलदीप सिंह खनायत आदि ने व्यापारी वर्ग को संकट से उबारने के लिए शासन प्रशासन से ठोस कदम उठाए जाने की मांग उठाई है ताकि व्यवसायी अपना व अपने परिवार का पालन पोषण कर सकें।